झारखंड में छियासठ मेगावाट के बिजली संयंत्र की परियोजना से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपए के कथित बैंक लोन फ्रॉड मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की कोलकाता जोन-वन टीम ने गुरुवार तीन सितंबर को पश्चिम बंगाल के कोलकाता एवं हावड़ा में 11 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि कंपनी ने झारखंड में छियासठ मेगावाट का बिजली संयंत्र स्थापित करने के लिए बैंकों से करीब 290 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, हालांकि, इसे कथित तौर पर कर्ज की पूरी रकम परियोजना पर खर्च करने के बजाय समूह की अन्य कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई है, जिससे कुछ राशि का इस्तेमाल निजी उद्देश्यों के लिए भी किया गया। ईडी की टीम ने कोलकाता एवं हावड़ा में कंपनी से जुड़े कई परिसरों की तलाशी की है। हावड़ा के बाली इलाके स्थित एक आवासीय परिसर में भी अधिकारियों ने तलाशी अभियान चलाया है।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान, वित्तीय दस्तावेजों, बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड एवं डिजिटल उपकरणों की जांच पूरी तरह की गई। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं डिजिटल सामग्री जब्त किए जाने की भी जानकारी सामने आ रही है। जांच का एक अहम बिंदु भी है कि 68 मेगावाट के बिजली संयंत्र के लिए करीब 290 करोड़ रुपए के कर्ज में से कितनी राशि वास्तव में परियोजना पर खर्च हुई होगी और कितनी रकम कथित तौर पर दूसरी जगह भेजी गई होगी। अब फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आरोप अदालत में साबित होना भी बाकी है।