Jamshedpur : शहर में शहीदों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 22 मार्च 2026 को ‘अखंड तिरंगा यात्रा सह शहीद सम्मान यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा इस वर्ष अपने 11वें वर्ष में प्रवेश कर रही है और आयोजकों का दावा है कि यह देश की भव्यतम तिरंगा यात्राओं में शामिल है।
संस्था ‘नमन’ के संस्थापक अध्यक्ष अमरप्रीत सिंह काले ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस बार यात्रा को और अधिक व्यापक और अनुशासित रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें शहर के सभी वर्गों और समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
सुबह 9 बजे एग्रीको से निकलेगी यात्रा, तय मार्ग पर होगा संचलन
यात्रा 22 मार्च की सुबह एग्रीको ट्रांसपोर्ट मैदान से शुरू होगी और एग्रीको गोलचक्कर, भालूबासा, साकची, वसंत सिनेमा, कालीमाटी रोड होते हुए आरडी टाटा चौक तक जाएगी। इसके बाद पुलिस लाइन में शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित कर पुनः एग्रीको मैदान में समापन होगा।
आयोजकों के अनुसार, यात्रा के दौरान पूरा शहर तिरंगामय नजर आएगा और हजारों लोगों की भागीदारी से एक स्वर में ‘मां भारती’ का जयघोष गूंजेगा।
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‘मां भारती रथ’ और लाइव झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष की यात्रा में आगे मां भारती का रथ चलेगा, जिसके पीछे चार विशेष झांकियां होंगी। इन झांकियों में स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों से जुड़े प्रसंगों को लाइव प्रस्तुति के रूप में दिखाया जाएगा।
यात्रा को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है और विभिन्न जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
2016 से शुरू हुई परंपरा, हर वर्ष बढ़ता दायरा
आयोजकों ने बताया कि वर्ष 2016 में देश विरोधी नारों के प्रतिकार स्वरूप इस यात्रा की शुरुआत की गई थी। पहली बार निकाली गई यह यात्रा ऐतिहासिक रही और तभी से हर वर्ष 23 मार्च को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर इसका आयोजन होता रहा है।
हालांकि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए यात्रा की तिथि 23 मार्च के बजाय 22 मार्च निर्धारित की गई है।
शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों का होगा सम्मान
यात्रा प्रारंभ होने से पहले एक संक्षिप्त सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ेगी, जहां कई स्थानों पर इसका स्वागत भी किया जाएगा।
पुलिस लाइन में रुककर शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
हर वर्ग की भागीदारी, गैर-राजनीतिक और सामाजिक पहल
संस्था ‘नमन’ ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन पूरी तरह गैर-राजनीतिक और गैर-सांप्रदायिक भावना से प्रेरित है।
यात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों— शिक्षाविद, चिकित्सक, व्यवसायी, पत्रकार, पूर्व सैनिक तथा सामाजिक एवं धार्मिक संगठन सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
आयोजकों का कहना है कि इस मंच के माध्यम से समाज में भाईचारा, एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश फैलाने का प्रयास किया जाता है।
आयोजन समिति में शहर के प्रमुख चेहरे शामिल
इस वर्ष आयोजन को भव्य बनाने के लिए एक विस्तृत समिति गठित की गई है, जिसमें शहर के वरिष्ठ शिक्षाविद, समाजसेवी, चिकित्सक, अधिवक्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शिक्षाविद, वरिष्ठ अधिवक्ता, समाजसेवी, पूर्व सैनिक प्रतिनिधि और खेल जगत से जुड़े लोग शामिल हैं, जो इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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नागरिकों से बड़ी भागीदारी की अपील
संस्थापक अध्यक्ष अमरप्रीत सिंह काले ने शहरवासियों, युवाओं, मातृशक्ति, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस यात्रा में शामिल होकर इसे सफल और गरिमामय बनाएं।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहीदों के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का प्रतीक है।
जमशेदपुर में 22 मार्च को निकलने वाली ‘अखंड तिरंगा यात्रा’ सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि शहर की सामूहिक चेतना और देशभक्ति का प्रतीक बन चुकी है।
हर वर्ष बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि शहीदों के सम्मान और राष्ट्रीय एकता के प्रति लोगों का भाव लगातार मजबूत हो रहा है।