हथियार बरामदगी के दौरान बालीडीह की पहाड़ियों पर चलीं गोलियां
Bokaro : बोकारो पुलिस ने अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। बालीडीह ओपी क्षेत्र के गौडा बालीडीह पहाड़ी पर पुलिस और कुख्यात प्रिंस गुप्ता उर्फ भाटिया गैंग के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए प्रिंस गुप्ता को घायल कर दिया। इस ऑपरेशन में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत कुल 7 अपराधियों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है।
हथियार बरामदगी के दौरान अचानक फायरिंग
सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) गिरफ्तार प्रिंस गुप्ता की निशानदेही पर हथियार बरामद करने गौडा बालीडीह पहाड़ी पहुंची थी। पुलिस के अनुसार, प्रिंस ने पहले एक पिस्टल पुलिस के हवाले की, लेकिन तभी उसने दूसरे छिपे हुए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें प्रिंस गुप्ता के पैर में गोली लगी। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

व्यापारियों में था खौफ: रंगदारी और छिनतई का नेटवर्क
पिछले कुछ समय से बोकारो जिले में रंगदारी, चोरी और राहजनी की घटनाएं बढ़ गई थीं। अमन साहू (मृत), राहुल दुबे और मयंक सिंह जैसे गिरोहों के नाम पर व्यापारियों को फोन कर धमकियां दी जा रही थीं। कारोबारियों के बीच फैले इसी भय को खत्म करने के लिए एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था।
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गिरफ्तार अपराधियों की सूची और बरामदगी
पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद प्रिंस गुप्ता के साथ उसके नेटवर्क के 6 अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है।
- गिरफ्तार अपराधी: श्याम कुमार सिंह, अजय सिंह, ओम प्रकाश पॉल, जयनेन्द्र शुक्ला, गोलू कुमार और भूपेंद्र सिंह।
- बरामद सामान: पुलिस ने इनके पास से देशी कट्टा, पिस्टल, कई जिंदा कारतूस, 8 मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की है।
प्रिंस गुप्ता का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्रिंस गुप्ता इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड है। उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट जैसे 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और बैकएंड नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि जिले से अपराध का पूरी तरह सफाया किया जा सके।