जमशेदपुर: साहित्य, कला, शिक्षा, पत्रकारिता और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2.0 में दस प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक पुरस्कार के साथ एक लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। विद्यादीप फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित यह तीन दिवसीय फेस्टिवल 18 से 20 दिसंबर 2026 तक बिष्टुपुर स्थित होटल रमाडा में होगा।
इस वर्ष फेस्टिवल की केंद्रीय थीम ‘विरासत एवं पर्यटन’ रखी गई है। पुरस्कारों का नामकरण देश और झारखंड की महान विभूतियों तथा ऐतिहासिक संस्थाओं की स्मृति में किया गया है। आयोजन का उद्देश्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
दस श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे पुरस्कार
जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2.0 के तहत संगीत एवं संगीत-साहित्य के लिए वसुंधरा कोमकली पुरस्कार, चित्रकला के लिए जे. स्वामीनाथन पुरस्कार और नृत्य कला के लिए रुक्मिणी देवी अरुंडेल पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
इसी तरह हिंदी साहित्य के क्षेत्र में फादर कामिल बुल्के पुरस्कार और अंग्रेजी पुस्तक के लिए जेराल्ड डरेल पुरस्कार दिया जाएगा। झारखंड के साहित्य, संस्कृति एवं विरासत के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. कुमार सुरेश सिंह पुरस्कार निर्धारित किया गया है।
पत्रकारिता के क्षेत्र में उदन्त मार्तण्ड पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जो द्विशताब्दी वर्ष को समर्पित है। जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए डॉ. रामदयाल मुंडा पुरस्कार दिया जाएगा।
फेस्टिवल की केंद्रीय थीम को ध्यान में रखते हुए विरासत एवं पर्यटन के लिए गोपालदास मुखर्जी पुरस्कार भी स्थापित किया गया है। वहीं, संस्थागत शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को सम्मानित करने के लिए मिसेज कियोके मोनरो पेरिन विद्यालय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। मिसेज पेरिन जमशेदपुर के शुरुआती शिक्षण संस्थानों में शामिल मिसेज केएमपीएम स्कूल की संस्थापक थीं।
निर्णायक मंडल करेगा पुरस्कार विजेताओं का चयन
फेस्टिवल के क्यूरेटर संदीप मुरारका और आयोजन समिति के सदस्यों के अनुसार, इन पुरस्कारों के लिए अलग से नामांकन प्रक्रिया या अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई है। सम्मानित किए जाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं का चयन निर्णायक मंडल करेगा। चयनित नामों की घोषणा आगामी दिनों में की जाएगी।
देशभर के साहित्यकारों और कलाकारों का होगा जुटान
तीन दिवसीय जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2.0 में देशभर के प्रख्यात साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद्, इतिहासकार और पत्रकार भाग लेंगे। साहित्य और कला से जुड़े विमर्श के साथ इस आयोजन में झारखंड की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन की संभावनाओं को भी प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।
दस पुरस्कारों की स्थापना के माध्यम से फेस्टिवल विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करने के साथ साहित्य, संस्कृति और विरासत के संरक्षण को प्रोत्साहित करेगा।
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