जल जीवन मिशन की योजनाओं में देरी पर भड़के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, संवेदकों को लीगल नोटिस देने का निर्देश

Anand Kumar
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हजारीबाग: झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत चल रही पेयजलापूर्ति योजनाओं की धीमी प्रगति पर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को हजारीबाग समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिले की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पेयजलापूर्ति योजनाओं में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन संवेदकों ने निर्धारित समय में काम पूरा नहीं किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, सिंगल विलेज स्कीम (SVS), रॉ वाटर राइजिंग, क्लीन वाटर राइजिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजलापूर्ति से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा की गई।

तीन महीने बाद फिर होगी योजनाओं की समीक्षा

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कार्यों में हो रही देरी और योजनाओं के सुचारू संचालन में आ रही समस्याओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पेयजलापूर्ति आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है। इससे जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजलापूर्ति से संबंधित संरचनाओं को जल्द क्रियाशील बनाने तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही जिला प्रशासन को नियमित रूप से योजनाओं की समीक्षा करने को कहा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा तीन महीने बाद दोबारा की जाएगी।

बंद पड़ी योजनाओं के संवेदकों को मिलेगा लीगल नोटिस

विभागीय सचिव अबु इमरान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेयजलापूर्ति से जुड़ी सभी संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जिन योजनाओं का काम अधूरा है या जिनका संचालन बाधित है, वहां समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच और योजनाओं की सतत निगरानी पर भी जोर दिया।

समीक्षा के दौरान जिन योजनाओं में काम बंद पाया गया या निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति नहीं हुई, उनके संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

सचिव ने कहा कि निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करने और योजनाओं को बंद रखने वाले संवेदकों को लीगल नोटिस जारी किया जाए। संविदा की शर्तों और लागू प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

लापरवाह अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही

अभियान निदेशक शशि रंजन ने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जिन संवेदकों और अधिकारियों की शिथिलता के कारण योजनाएं लंबित हैं, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और काम में आ रही बाधाओं को दूर करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार, मुख्य अभियंता रेयाज आलम, कोडरमा के उप विकास आयुक्त, हजारीबाग के नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला योजना पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, मंत्री के ओएसडी सहित हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ और चतरा जिले के वरिष्ठ अधिकारी, विभागीय प्रतिनिधि और संबंधित संवेदक उपस्थित रहे।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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