यूएनएससी में भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब: आतंकवाद को ‘सरकारी नीति’ बनाना कभी सामान्य नहीं हो सकता

Anand Kumar
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New York : भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर ‘‘झूठा और स्वार्थपूर्ण’’ विवरण पेश करने पर पाकिस्तान के राजदूत को करारा जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कहा कि आतंकवाद को ‘‘सरकारी नीति के औजार’’ के रूप में पाकिस्तान द्वारा लगातार इस्तेमाल किए जाने को सहना सामान्य नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद का निर्वाचित सदस्य पाकिस्तान एकल सूत्री एजेंडा रखता है—भारत और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाना। अहमद ने सोमवार को सुरक्षा परिषद में ‘अंतरराष्ट्रीय विधि-शासन की पुनर्पुष्टि: शांति, न्याय और बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करने के मार्ग’ विषय पर हुई खुली बहस में ऑपरेशन सिंदूर, जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि पर टिप्पणी की थी।

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‘आतंकवाद को सामान्य नहीं बनाया जा सकता’

भारत ने अहमद की टिप्पणियों को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा। हरीश ने जोर देकर कहा, ‘‘हमने पाकिस्तान के प्रतिनिधि से ‘नयी सामान्य स्थिति’ की बात सुनी। मैं फिर दोहराता हूं कि आतंकवाद को, जैसा पाकिस्तान करना चाहता है, कभी सामान्य नहीं बनाया जा सकता। पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को ‘सरकारी नीति के औजार’ के रूप में लगातार इस्तेमाल किए जाने को सहना सामान्य नहीं है।’’उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

‘यह मंच आतंकवाद को वैध ठहराने के लिए नहीं’

हरीश ने कहा, ‘‘यह पावन सदन पाकिस्तान के लिए आतंकवाद को वैध ठहराने का मंच नहीं बन सकता।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी दूत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ‘‘झूठा और स्वार्थपूर्ण’’ विवरण पेश किया।भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में पिछले वर्ष मई में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया गया था। पहलगाम हमले में 26 नागरिक मारे गए थे।हरीश ने कहा, ‘‘इस विषय पर तथ्य स्पष्ट हैं। पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादियों ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में एक क्रूर हमला कर 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या की। इस गरिमामय निकाय ने स्वयं इस निंदनीय आतंकवादी कृत्य के अपराधियों, आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने और न्याय के कठघरे में लाने का आह्वान किया था। हमने ठीक वही किया।’’

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10 मई को पाकिस्तान ने लगाई लड़ाई रोकने की गुहार

भारत ने बताया कि, ‘‘पाकिस्तान नौ मई तक भारत पर और हमलों की धमकी दे रहा था लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने हमारी सेना को सीधे फोन किया और लड़ाई रोकने की गुहार लगाई।’’उन्होंने कहा कि भारतीय कार्रवाई से नष्ट हुए रनवे और जले हैंगर की तस्वीरों समेत कई पाकिस्तानी वायुसेना अड्डों को हुए नुकसान की जानकारी सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध है।

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा

जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार करते हुए हरीश ने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है।उन्होंने दो टूक कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और हमेशा रहेगा।’’

आतंकवाद खत्म होने तक संधि स्थगित

पहलगाम हमले के मद्देनजर भारत के रुख को दोहराते हुए हरीश ने कहा, ‘‘भारत ‘अंततः यह घोषणा करने के लिए मजबूर हुआ कि सिंधु जल संधि को तब तक स्थगित रखा जाएगा जब तक आतंकवाद का वैश्विक केंद्र पाकिस्तान सीमा-पार और आतंकवाद के सभी अन्य रूपों के प्रति अपने समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं कर देता।’’

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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