London/Ranchi : “झारखंड मूल के हर नागरिक की गरिमा, सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- यह बात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लंदन में यूके में कार्यरत झारखंडवासियों से खुलकर कही। विदेश यात्रा के दौरान नर्सों, केयरगिवर्स और घरेलू कर्मियों से हुए संवाद में उन्होंने राज्य के प्रवासियों को आश्वस्त किया कि झारखंड सरकार उनकी चुनौतियों को गंभीरता से ले रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस विश्व आर्थिक मंच (WEF 2026) के बाद लंदन में झारखंड मूल के नागरिकों से मुलाकात की। इस संवाद में शामिल नर्स, केयरगिवर्स, घरेलू कर्मी और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग वर्षों से यूके में रहने के बावजूद अपनी झारखंडी पहचान, संस्कृति और मूल्यों से जुड़े रहने की बात कहते हुए भावुक हो गए। उन्होंने विदेश में काम के दौरान आने वाली चुनौतियों, कार्यस्थल पर अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक अलगाव, कानूनी जटिलताएं और बेहतर अवसरों की कमी को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
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हेमंत सोरेन ने उनकी बातों को गहराई से सुना और कहा कि विदेशों में रोजगार सम्मानजनक, सुरक्षित और अवसरों से भरा होना चाहिए। झारखंड सरकार नर्सों, केयरगिवर्स और अर्ध-कुशल कामगारों के योगदान को बहुत महत्व देती है। ये लोग राज्य की पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के विदेशी कामगारों से संबंधित कानूनों का गहन अध्ययन करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कामगारों के अधिकारों की रक्षा के लिए जो व्यवस्थाएं हैं, वैसी ही व्यवस्था विदेशों में कार्यरत झारखंडवासियों के लिए भी सुनिश्चित की जाएगी। इस मुद्दे पर उन्होंने भारत के राजदूत से भी विस्तृत चर्चा की।
संवाद में शामिल प्रमुख लोगों में रेणु लकड़ा, अंजू लाकड़ा, सिस्टर ज्योति, फुलकारी एक्का, मार्था टोप्पो, मैरी खाखा, कॉसमोस कुजूर, तारा तिर्की, सरोज टोप्पो, प्लेसिडियस टोप्पो, एलिज़ाबेथ कुजूर, विजय कुजूर और जैसिंटा कुजूर आदि शामिल थे। यह मुलाकात मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा का भावनात्मक और नीतिगत दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण पड़ाव रही।
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