मंईयां सम्मान योजना : 2500 मासिक राशि के साथ अब 20 हजार तक बिना गारंटी लोन

Anand Kumar
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Ranchi : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने महिलाओं की आर्थिक सशक्तीकरण नीति को एक नया विस्तार देने की तैयारी की है। राज्य की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी लाभार्थी महिलाओं को अब हर महीने मिलने वाली 2500 रुपये की सम्मान राशि के अतिरिक्त 20,000 रुपये तक का बिना गारंटी माइक्रो लोन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है।

यह पहल महिलाओं को स्वरोजगार और स्थायी आय के अवसर से जोड़ने का प्रयास है।


क्या है नई व्यवस्था?

राज्य सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत मंईयां सम्मान योजना की पात्र महिलाओं को बैंकों के माध्यम से अधिकतम 20 हजार रुपये तक का माइक्रो लोन दिया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  • लोन के लिए किसी गारंटी या जमानत की आवश्यकता नहीं होगी।
  • सरकार बैंकों को लोन सुरक्षा का आश्वासन देगी।
  • राशि का उपयोग स्वरोजगार, लघु व्यवसाय या कृषि आधारित कार्यों के लिए किया जा सकेगा।

यह मॉडल महिला स्व-सहायता समूहों की तर्ज पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।


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अगर किस्त नहीं चुकाई तो क्या होगा?

योजना का एक अहम प्रावधान यह है कि यदि कोई लाभार्थी समय पर लोन की किस्त जमा नहीं कर पाती है, तो उसे हर महीने मिलने वाली 2500 रुपये की सम्मान राशि से किस्त की समायोजन प्रक्रिया की जाएगी।

इस व्यवस्था से:

  • बैंकों के लिए जोखिम कम होगा
  • योजना का क्रियान्वयन सुचारू रहेगा
  • महिलाओं पर कानूनी दबाव या वसूली की सख्ती की स्थिति नहीं बनेगी

हालांकि वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि किस्त समायोजन की यह व्यवस्था लाभार्थियों की मासिक आय पर प्रभाव डाल सकती है, इसलिए लोन का उपयोग सोच-समझकर करना जरूरी होगा।


सरकार और बैंकों के बीच सहमति

इस पहल को लागू करने के लिए झारखंड सरकार के वित्त विभाग और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के बीच सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। हालिया बैठक में बैंकों ने सहयोग का आश्वासन दिया है।

यदि औपचारिक अधिसूचना जारी होती है, तो यह योजना राज्य की महिला वित्तीय भागीदारी को नया आयाम दे सकती है।


किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?

  • वर्तमान में योजना के तहत लगभग 51 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2500 डीबीटी के माध्यम से दिए जा रहे हैं।
  • राज्य सरकार इस पर करीब ₹1250 करोड़ प्रति माह खर्च कर रही है।
  • योजना मुख्य रूप से 50 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को कवर करती है।
  • यदि एक ही परिवार में एक से अधिक पात्र महिलाएं हैं, तो प्रत्येक महिला को लाभ मिलेगा।

किन कामों में इस्तेमाल कर सकती हैं लोन राशि?

माइक्रो लोन का उपयोग महिलाएं निम्न कार्यों में कर सकती हैं:

  • सिलाई या बुटीक कार्य
  • पशुपालन
  • किराना दुकान
  • कृषि आधारित गतिविधियां
  • लघु उद्योग या घरेलू उत्पादन

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता विवरण
  • योजना पंजीकरण प्रमाण
  • बैंक द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज

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उत्पादक निवेश की दिशा में कदम

यह पहल सामाजिक सुरक्षा से आगे बढ़कर उत्पादक निवेश की दिशा में कदम है। यदि सही निगरानी, वित्तीय साक्षरता और प्रशिक्षण के साथ लागू की जाती है, तो यह योजना केवल सहायता वितरण कार्यक्रम न रहकर महिला उद्यमिता मिशन का रूप ले सकती है।

हालांकि, यह भी जरूरी है कि लाभार्थियों को लोन प्रबंधन और व्यवसायिक मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि कर्ज बोझ में न बदले और वास्तविक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित हो सके।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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