Gangwar in Patna : पारस अस्पताल में ICU में घुसकर कुख्यात चंदन मिश्रा को फिल्मी स्टाइल में भूना

Anand Kumar
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Gangwar in Patna : गैंगस्टर चंदन के शूटर की पहचान, फुलवारी शरीफ का रहनेवाला है

Gangwar in Patna

Gangwar in Patna : बिहार की राजधानी पटना के राजाबाजार स्थित पारस अस्पताल में गुरुवार सुबह हुई सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की पांच हथियारबंद हमलावरों द्वारा आईसीयू वार्ड में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना सुबह करीब 8 बजे हुई, जिसने बिहार की कानून-व्यवस्था और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का विवरण

चंदन मिश्रा, बक्सर जिले का निवासी और एक कुख्यात अपराधी, हत्या, लूट, और रंगदारी जैसे कई संगीन मामलों में आरोपी था। वह बेऊर जेल में सजा काट रहा था और स्वास्थ्य कारणों से पैरोल पर बाहर था। चंदन को इलाज के लिए पारस अस्पताल के आईसीयू वार्ड नंबर 209 में भर्ती कराया गया था।

सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पांच हमलावर, सभी के हाथों में पिस्तौल, सुबह 8 बजे अस्पताल के मुख्य द्वार से बेखौफ अंदाज में अंदर घुसे। उन्होंने वार्ड में प्रवेश किया और चंदन मिश्रा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। हमलावरों ने मात्र 25 सेकंड में इस वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से पुलिस ने 12 गोली के खोखे बरामद किए, जो इस हमले की तीव्रता को दर्शाते हैं।

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पुलिस की कार्रवाई और नवीनतम अपडेट

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा ने इस घटना को गैंगवार का हिस्सा बताया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया, जिसमें हमलावरों को हथियार लहराते और वारदात को अंजाम देते देखा गया। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया है। सेंट्रल रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने संदेह जताया कि इस हमले में अस्पताल की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की मिलीभगत हो सकती है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है।

नवीनतम जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें अस्पताल के गार्ड और कुछ कर्मचारी शामिल हैं। बक्सर पुलिस की सहायता से हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने संदिग्धों की तलाश में शहर के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर नाकेबंदी कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने अस्पताल में प्रवेश करने से पहले रेकी की थी, जिसके आधार पर पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

Gangwar in Patna

गैंगवार की पृष्ठभूमि

पुलिस सूत्रों का कहना है कि चंदन मिश्रा का शेरू गिरोह के साथ पुराना विवाद था। चंदन, जिस पर 10 से अधिक हत्याओं के आरोप थे, बक्सर में अपने आपराधिक नेटवर्क के लिए कुख्यात था। माना जा रहा है कि यह हत्या प्रतिद्वंद्वी गिरोह द्वारा बदले की कार्रवाई में की गई। जांच में यह भी पता चला है कि चंदन मिश्रा की हत्या से पहले उसके ठिकानों पर हमले की साजिश रची गई थी, जिसके लिए शूटरों को विशेष रूप से हायर किया गया था।

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सियासी बवाल

इस घटना ने बिहार की सियासत में उबाल ला दिया है। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा, “बिहार में अब कोई सुरक्षित नहीं है। एनडीए शासन में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं, और सरकार कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है।” पप्पू यादव, जो घटनास्थल पर पहुंचे थे, को पुलिस ने अस्पताल में प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद उनकी पुलिसकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। विपक्षी दलों ने इस घटना को सरकार की नाकामी का प्रतीक बताया है।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल

यह हत्या ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले, 16 जुलाई को, बिहार पुलिस ने दावा किया था कि संगठित अपराध और पेशेवर शूटरों पर नकेल कसी जा रही है। लेकिन पारस अस्पताल में हुई गोलीबारी और उसी दिन दानापुर में एक अन्य युवक की हत्या ने इन दावों की हवा निकाल दी। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना की तुलना “गैंग्स ऑफ वासेपुर” जैसे फिल्मी दृश्यों से कर रहे हैं, जो अपराधियों के बेखौफ रवैये को दर्शाता है।

पारस जैसे प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल है। अस्पताल प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रशासन ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला किया है।

पटना के पारस अस्पताल में चंदन मिश्रा की हत्या ने बिहार में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को उजागर किया है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की है, लेकिन जनता का विश्वास डगमगा गया है। यह देखना बाकी है कि क्या पुलिस इस गैंगवार के पीछे के असल दोषियों तक पहुंच पाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को भी चर्चा का विषय बना दिया है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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