अवैध लौह अयस्क खनन : क्या मास्टरमाइंड है सन्नी सिंह? चाईबासा में रोज 10 हजार टन ढुलाई के आरोप से मचा हड़कंप

Anand Kumar
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जिला झामुमो का आरोप, कोर मिनरल्स की बंद खदान से हो रही माइनिंग, डीसी को लिखा पत्र

Jamshedpur : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा-नोवामुंडी बेल्ट में अवैध लौह अयस्क खनन को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दावा किया है कि जिले में प्रतिदिन 10 हजार टन से अधिक लौह अयस्क की अवैध निकासी हो रही है। इस पूरे कथित नेटवर्क के पीछे “सन्नी सिंह” नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कोर कमेटी की बैठक में उठा मुद्दा

झामुमो की जिला कोर कमेटी की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने बताया कि बड़ाजामदा, नोवामुंडी, गुवा थाना क्षेत्र और जगन्नाथपुर के सेताकिया इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस पूरे नेटवर्क में सन्नी सिंह, संतोष उर्फ डेबरा और अरविंद चौरासिया की भूमिका संदिग्ध है और मशीन, मजदूर, ट्रांसपोर्ट से लेकर प्लांट तक सप्लाई का पूरा तंत्र इनके इशारे पर संचालित हो रहा है।

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हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रशासन या किसी आधिकारिक एजेंसी ने अभी तक सन्नी सिंह की भूमिका की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोपों और स्थानीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

बाउंड्री तोड़ कर हो रही खुदाई

झामुमो का आरोप है कि बड़ाजामदा स्थित कोर मिनरल्स की बंद खदान को अवैध खनन का केंद्र बना दिया गया है। आरोप के मुताबिक खदान की चारदीवारी तोड़कर अंदर एक्सकेवेटर और हाइवा के जरिए रात के समय बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है। बैठक में दावा किया गया कि महज दो घंटे में 10 से 15 हजार टन तक लौह अयस्क (फाइंस) निकाला जा रहा है। इसके बाद इस अयस्क को क्रशर प्लांट तक पहुंचाकर फर्जी कागजात के जरिए वैध दिखाते हुए बाहर भेज दिया जाता है।

कांडेनाला क्षेत्र से सामने आए स्थानीय इनपुट बताते हैं कि यह अवैध कारोबार छोटे स्तर से शुरू होकर अब संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है। शुरुआत में मजदूरों द्वारा डोको के जरिए खनिज निकाला जाता था, जिसे बाद में इकट्ठा कर गुप्त रास्तों से बाहर भेजा जाता था। अब यह गतिविधि बड़े पैमाने पर परिवहन और सप्लाई चेन के साथ संचालित हो रही है।

खनन

आरोप है कि इस अवैध खनन से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया गया है कि अब तक करीब 25 हजार टन से अधिक लौह अयस्क की चोरी हो चुकी है, हालांकि इन आंकड़ों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

झामुमो ने दिया 7 दिन का समय

इस पूरे मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। झामुमो ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर 7 दिन के भीतर कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो 21 अप्रैल को जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

बोबोंगा ने यह भी आरोप लगाया कि नो माइनिंग जोन घोषित क्षेत्रों में भी अवैध खनन जारी है और इसमें कुछ मंत्रियों व अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। उन्होंने नोमेडिक रेलवे साइडिंग, कड़े नाला क्षेत्र और बंद पड़ी खदानों को इस अवैध गतिविधि का केंद्र बताया।

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प्रशासन पर भी सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े पैमाने पर खनन और ढुलाई की गतिविधि के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होने से यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं न कहीं निगरानी तंत्र में कमी है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।

कुल मिलाकर, चाईबासा का यह मामला सिर्फ अवैध खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और राज्य के राजस्व से जुड़े बड़े सवाल खड़े करता है। “सन्नी सिंह” का नाम फिलहाल आरोपों के केंद्र में है, लेकिन सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष और ठोस जांच बेहद जरूरी है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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