नेता प्रतिपक्ष ने IAS सुशांत गौरव की भूमिका पर उठाए सवाल, नक्शे और खादगढ़ा बस स्टैंड टेंडर का भी उठाया मुद्दा
रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची नगर निगम के नगर आयुक्त IAS सुशांत गौरव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि नगर आयुक्त का आचरण एक अधिकारी की बजाय JMM कार्यकर्ता जैसा दिखाई दे रहा है।
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सुशांत गौरव अब पूर्व अधिकारियों छवि रंजन और विनय चौबे की राह पर चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि रांची में आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम लंबित हैं, लेकिन नगर निगम की प्राथमिकताएं कुछ और नजर आ रही हैं।
हजारों नक्शे लंबित, आम लोग निगम के चक्कर लगा रहे : मरांडी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रांची में हजारों घरों के नक्शे लंबित हैं। आम लोग नगर निगम के चक्कर लगाते-लगाते परेशान हैं। इसके बावजूद उनकी शिकायत है कि निगम की दिलचस्पी उन भवनों पर कार्रवाई करने में ज्यादा दिखाई दे रही है, जिनसे जुड़े लोग किसी न किसी रूप में छात्रों के आंदोलन के साथ खड़े रहे हैं।
मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स जमा कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बार-बार निगम की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग अपनी ही राशि और दस्तावेजों के लिए निगम कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
खादगढ़ा बस स्टैंड टेंडर पर भी सवाल
बाबूलाल मरांडी ने रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड की टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि टेंडर में 7.50 करोड़ रुपये की बोली लग चुकी थी, फिर उसे रद्द कर 3.20 करोड़ रुपये में टेंडर क्यों दिया गया?
उन्होंने सवाल किया कि आखिर नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में ऐसा निर्णय क्यों लिया गया। मरांडी ने इसी संदर्भ में नगर आयुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उनके पद को ‘कमिशन’ से जोड़ दिया गया है।
हालांकि, इन आरोपों पर नगर आयुक्त या रांची नगर निगम की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुराने कार्यकाल को लेकर भी लगाए आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने सुशांत गौरव के पूर्व कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा, खेल विभाग और उद्योग विभाग में निदेशक तथा विभिन्न जिलों में उपायुक्त रहते हुए उनके कार्यकाल में क्या-क्या गड़बड़ियां हुईं, यह भी जनता के संज्ञान में है।
मरांडी ने कहा कि यदि अधिकारी जनता की सेवा करने के बजाय सत्ता के इशारे पर काम करने लगें तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाए।
‘जनता को प्रताड़ित करना बंद करें’
बाबूलाल मरांडी ने नगर आयुक्त को चेतावनी देते हुए कहा कि मनचाही पोस्टिंग, आर्थिक लाभ और मुख्यमंत्री को संतुष्ट करने के चक्कर में चाटुकार की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए।
उन्होंने नगर निगम से आम लोगों को परेशान करना बंद करने की मांग की। साथ ही कहा कि सत्ता के इशारे पर काम करने वाले अधिकारियों का हश्र राज्य पहले भी देख चुका है।
मरांडी ने अपने बयान के अंत में कहा कि “इतिहास खुद को दोहराता है, बस किरदार बदल जाते हैं।”
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