Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 की अधिकतम आयु सीमा का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने शून्यकाल में यह विषय उठाते हुए कहा कि आयु सीमा की कट-ऑफ तिथि में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
सदन में उठा सवाल, सरकार ने दिया आश्वासन
प्रदीप यादव ने कहा कि हालिया विज्ञापन में अधिकतम आयु की गणना के लिए कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जबकि पिछली परीक्षा में यह 1 अगस्त 2017 थी। उनके अनुसार, इस बदलाव से लाखों अभ्यर्थियों पर असर पड़ेगा।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहे हैं और वंचित अभ्यर्थियों को अवसर देने पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
2021 से 2026 तक कट-ऑफ में बदलाव पर सवाल
सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में प्रदीप यादव ने कहा कि 2021 में जारी विज्ञापन में आयु सीमा का कट-ऑफ वर्ष 2016 था। 2023 के विज्ञापन में इसे 2017 किया गया। अब 2025 की परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 कर दी गई है।
उनका कहना है कि इस परिवर्तन से आयु गणना में नौ वर्षों का अंतर पैदा हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पात्रता से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय में सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है और कुछ अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है। जानकारी के अनुसार, 22 अभ्यर्थियों की याचिका स्वीकार की गई है।
कैबिनेट में प्रस्ताव, फिलहाल निर्णय लंबित
5 फरवरी की कैबिनेट बैठक में कार्मिक विभाग की ओर से वर्ष 2023 को कट-ऑफ तिथि रखने का प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि, अभ्यर्थियों की मांग 2018 को आधार वर्ष मानने की रही है। इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका और प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित रखा गया।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि जेपीएससी आयु सीमा को लेकर गंभीर मंथन चल रहा है और मुख्यमंत्री जल्द निर्णय लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट में विषय पर चर्चा हुई, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
जेपीएससी 2025 परीक्षा का विज्ञापन और विवाद की जड़
झारखंड लोक सेवा आयोग ने हाल ही में संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 का विज्ञापन जारी किया है। इसमें अभ्यर्थियों की आयु गणना के लिए 1 अगस्त 2026 को कट-ऑफ तिथि तय किया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 फरवरी 2026 निर्धारित है।
पिछली परीक्षा में यही कट-ऑफ 1 अगस्त 2017 थी। इस अंतर के कारण पात्रता मानदंड को लेकर असंतोष सामने आया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कोविड-19 और परीक्षा चक्र में विलंब के कारण उन्हें अतिरिक्त आयु छूट मिलनी चाहिए।
विधायकों की योजनाएं भी चर्चा में
प्रदीप यादव ने सदन में यह मुद्दा भी उठाया कि विधायक द्वारा अनुशंसित योजनाएं वर्षों से लंबित पड़ी हैं। उनका कहना है कि विभागों के पास राशि उपलब्ध होने के बावजूद योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन में प्रश्न उठने के बाद सरकार इस दिशा में भी ठोस कदम उठाएगी।
आगे क्या?
वर्तमान स्थिति में मुख्यमंत्री के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आयु सीमा में छूट दी जाती है, तो आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
यह मुद्दा केवल प्रशासनिक निर्णय का प्रश्न नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि पात्रता विवाद का समाधान किस रूप में सामने आता है।