Ranchi : पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेंद्र साव को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक बयानबाजी के आरोप में की है।
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि यह निर्णय पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव द्वारा लिया गया है।
फेसबुक लाइव बयान के बाद कार्रवाई
पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि योगेंद्र साव ने हाल ही में फेसबुक लाइव के माध्यम से एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
अनुशासन समिति ने इसे गंभीर मामला मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया और कार्रवाई का फैसला किया।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद उस समय तेज हुआ जब हजारीबाग के चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना विस्तार के तहत प्रशासन ने योगेंद्र साव की जोरदाग स्थित फायर क्ले फैक्ट्री की चिमनी और आवास को बुलडोजर लगा कर ध्वस्त कर दिया। इसके बाद योगेंद्र साव ने सार्वजनिक तौर पर राज्य सरकार और ‘अबुआ सरकार’ के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी।
“गठबंधन में असहजता” बना कारण
डॉ. रामेश्वर उरांव ने अपने आदेश में कहा है कि झारखंड में कांग्रेस महागठबंधन सरकार का हिस्सा है। ऐसे में मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक बयान देना पार्टी के खिलाफ बयानबाजी के समान है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से न केवल पार्टी की छवि प्रभावित हुई, बल्कि महागठबंधन के भीतर भी असहज स्थिति पैदा हुई।
लगातार बयानबाजी से बढ़ी नाराजगी
प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि योगेंद्र साव पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर लगातार महागठबंधन सरकार और कांग्रेस के खिलाफ टिप्पणी कर रहे थे। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की है।
अनुशासन को लेकर सख्त संदेश
राकेश सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी नेता द्वारा इसके उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अन्य नेताओं के बयानों पर भी नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाया जाएगा।
योगेंद्र साव का राजनीतिक प्रोफाइल
योगेंद्र साव झारखंड कांग्रेस के प्रमुख ओबीसी नेताओं में गिने जाते रहे हैं।
- बड़कागांव से विधायक रह चुके हैं
- हेमंत सोरेन की पहली सरकार में कृषि मंत्री रहे
- विस्थापन और मुआवजा जैसे मुद्दों पर सक्रिय भूमिका
- परिवार की राजनीतिक उपस्थिति: पत्नी निर्मला देवी और बेटी अंबा प्रसाद भी विधायक रह चुकी हैं