Tel Aviv / Tehran / Washington DC : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को और खतरनाक मोड़ पर ला दिया है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।”
उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं चाहते, लेकिन हालात उस दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि ईरान में सत्ता संरचना बदल चुकी है और संभव है कि आगे कोई बड़ा बदलाव देखने को मिले। उनके इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सैन्य चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान का जवाब, “सभ्यता से जवाब मिलेगा”
ट्रंप की इस टिप्पणी पर ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान की प्राचीन सभ्यता से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे।
यह बयान इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच तनाव अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि टकराव की आशंका और बढ़ गई है।
इजराइल के हमलों से स्थिति और गंभीर
इसी बीच इजराइल ने ईरान के भीतर कई अहम ठिकानों पर हमला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली एयर फोर्स ने करीब 10 रेल लाइनों और पुलों को निशाना बनाया, ताकि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सैन्य मूवमेंट को रोका जा सके।
हमलों से पहले नागरिकों को चेतावनी दी गई थी कि वे ट्रेनों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहें। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन पुलों और रेलवे मार्गों का उपयोग हथियारों के परिवहन के लिए किया जा रहा था।
खार्ग आइलैंड पर हमला, तेल सप्लाई पर असर
सबसे बड़ा हमला खार्ग आइलैंड पर हुआ, जहां ईरान का प्रमुख ऑयल टर्मिनल स्थित है। जानकारी के मुताबिक, ईरान के 80 से 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इसी टर्मिनल से होता है। इस हमले के बाद वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इसके अलावा काशान और तबरीज-जंजान हाईवे के पुलों को भी निशाना बनाया गया। एक हमले में दो लोगों की मौत और तीन के घायल होने की खबर है।
नागरिकों में डर, सड़कों पर उतरे लोग
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान में आम लोग भी सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगहों पर लोगों ने पुलों और पावर प्लांट जैसे अहम ढांचों की सुरक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाई है। यह स्थिति संभावित हमलों के डर को दर्शाती है।
कतर की चेतावनी, हालात नियंत्रण से बाहर होने के करीब
कतर ने मिडिल ईस्ट की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। सभी पक्षों से अपील की गई है कि तनाव कम करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
भारत की एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि अगले 48 घंटे तक सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी सैन्य या संवेदनशील क्षेत्र से दूर रहें।
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क्या युद्ध की ओर बढ़ रहा है मिडिल ईस्ट
पूरे घटनाक्रम को देखें तो यह स्पष्ट है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। लगातार धमकियां, जवाबी बयान और सैन्य हमले इस बात के संकेत हैं कि हालात कभी भी बड़े संघर्ष में बदल सकते हैं।
यदि यह टकराव बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा।