Mumbai : महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब 29 महानगरपालिकाओं (नगर निगमों) के चुनाव परिणाम घोषित किए गए। भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने इन चुनावों में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए राज्य की नगर सरकारों पर निर्णायक बढ़त बना ली। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, कुल 2,869 सीटों में से 2,784 सीटों के नतीजे घोषित किए गए, जिनमें अकेले भाजपा ने 1,372 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया।
भाजपा, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से बने महायुति गठबंधन ने 29 में से 23 नगर निगमों में बहुमत हासिल कर लिया। इन नतीजों को राज्य की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए बड़ी मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
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BMC में ऐतिहासिक बदलाव, ठाकरे परिवार का किला ढहा
चुनाव परिणामों का सबसे बड़ा असर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में देखने को मिला, जिसे एशिया की सबसे अमीर नगर निगम माना जाता है। करीब ₹74,000 करोड़ से अधिक के वार्षिक बजट वाली BMC में महायुति ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया।
227 वार्डों में से भाजपा–शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन 118 से 130 सीटों के बीच आगे रहा। भाजपा अकेले 87–90 सीटें जीतने में सफल रही, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 26–28 सीटें मिलीं। इसके मुकाबले उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 62–65 सीटों पर सिमट गई।
इस तरह ठाकरे परिवार का BMC पर 28 साल पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया, जिसे महाराष्ट्र की राजनीति में एक युगांतकारी घटना माना जा रहा है।
अन्य प्रमुख नगर निगमों के नतीजे
- नागपुर: भाजपा ने 84 सीटों पर बढ़त बनाई, कांग्रेस को 41 और AIMIM को 4 सीटें मिलीं।
- पुणे: महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला, पवार परिवार का परंपरागत प्रभाव कमजोर पड़ा।
- नवी मुंबई: महायुति ने बहुमत हासिल किया, कांग्रेस खाता भी नहीं खोल सकी।
- ठाणे: शिंदे गुट की शिवसेना 71–75 सीटों पर आगे रही।
- मालेगांव: नई इस्लाम पार्टी (ISLAM) ने 35 सीटें जीतकर किंगमेकर की भूमिका बनाई, AIMIM को 21 और शिंदे शिवसेना को 18 सीटें मिलीं।
- लातूर: कांग्रेस के लिए एकमात्र बड़ी राहत, 70 में से 43 सीटों पर जीत।
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पार्टीवार सीटों का हाल (2,784 घोषित सीटें)
- भाजपा: 1,372
- शिंदे गुट की शिवसेना: 394
- कांग्रेस: 315
- अजित पवार की NCP: 158
- उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT): 149
मतदान और पृष्ठभूमि
नगर निगम चुनाव 15 जनवरी 2026 को कराए गए थे। औसत मतदान प्रतिशत 41 से 50 प्रतिशत के बीच रहा। BMC में मतदान करीब 41 प्रतिशत, जबकि कोल्हापुर में सबसे अधिक 50.85 प्रतिशत दर्ज किया गया।
यह चुनाव 2017 के बाद पहली बार हुए, जिन्हें कोरोना महामारी, वार्ड परिसीमन विवाद और कानूनी अड़चनों के कारण लंबे समय तक टालना पड़ा था।
राजनीतिक मायने
इन नतीजों को विधानसभा चुनावों के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन की दूसरी बड़ी सफलता माना जा रहा है। भाजपा नेतृत्व और शिंदे गुट की शिवसेना को इससे राजनीतिक संबल मिला है। दूसरी ओर, MVA गठबंधन (उद्धव शिवसेना–कांग्रेस–NCP शरद पवार गुट) का शहरी आधार कमजोर होता दिखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महायुति की जीत पर मतदाताओं का आभार जताते हुए मुंबई की लोकतांत्रिक चेतना की सराहना की।
आगे की राह
अब महायुति अधिकांश नगर निगमों, विशेषकर BMC में, मेयर चुनने की स्थिति में है। BMC का अगला मेयर महायुति गठबंधन से चुना जाना तय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे 2029 के विधानसभा चुनावों के लिए भी संकेत दे रहे हैं।
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