सिल्ली : रिहायशी इलाके में घुसा लकड़बग्घा, स्कूल के स्टोर रूम से वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Anand Kumar
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पिंजरे में लकड़बग्घा

Silli (Ranchi) : राजधानी रांची से करीब 60 किलोमीटर दूर सिल्ली थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक लकड़बग्घा अचानक रिहायशी इलाके में घुस आया। खुले इलाके में लकड़बग्घे को इधर-उधर दौड़ते देख स्थानीय लोग दहशत में आ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और वन विभाग को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसी दौरान लकड़बग्घा पतराहातू गांव स्थित एक सरकारी स्कूल परिसर में घुस गया और वहां बने स्टोर रूम में जा छिपा। स्कूल परिसर में वन्यजीव की मौजूदगी से इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

स्टोर रूम से सुरक्षित निकाला गया लकड़बग्घा

वन विभाग की टीम ने पूरी सतर्कता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और केज की मदद से लकड़बग्घे को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि न तो लकड़बग्घा घायल हो और न ही किसी स्थानीय व्यक्ति को नुकसान पहुंचे।

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DFO श्रीकांत का बयान

रांची के वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत ने बताया कि लकड़बग्घा पूरी तरह सुरक्षित है। रिहायशी इलाके में उसके प्रवेश की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को तत्काल सक्रिय किया गया। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू के बाद लकड़बग्घे को बिरसा मुंडा जैविक उद्यान में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उसकी निगरानी की जा रही है।

पश्चिम बंगाल सीमा से सटा इलाका

जिस क्षेत्र से लकड़बग्घे को रेस्क्यू किया गया है, वह पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ इलाका है। वन विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जाती रही है। जंगलों के आसपास बसे गांवों में भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में वन्यजीवों का प्रवेश नई बात नहीं है।

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पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

गौरतलब है कि इसी क्षेत्र से लगभग पांच किलोमीटर दूर जून 2025 में एक बाघ को भी रेस्क्यू किया गया था। उस दौरान बाघ जंगल से निकलकर सिल्ली थाना क्षेत्र के मारदू गांव में एक ग्रामीण के घर में घुस गया था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। हालांकि उस समय भी राहत की बात यह रही कि किसी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचा। बाद में वन विभाग की टीम ने बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू कर पहले ओरमांझी स्थित जू में इलाज कराया और फिर पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़ दिया था।

राहत की बात: कोई जनहानि नहीं

इस ताजा घटना में भी राहत की बात यह रही कि लकड़बग्घे ने किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया और न ही कोई जनहानि हुई। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की स्थिति में खुद से जानवर को खदेड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशासन और वन विभाग को सूचना दें।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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