
Ramgarh : रामगढ़ के कुल्ही चौक के पास सोमवार को उस समय हंगामा मच गया, जब हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अधिकारियों पर भड़क उठे। भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर सांसद ने अधिकारियों से सख्त लहजे में सवाल किए। उन्होंने पूछा- “ये किसका रोड है? आपको पता भी है? अक्कल है? एक झापड़ मारेंगे न…”। सांसद ने अधिकारियों पर गुंडागर्दी का भी आरोप लगाया।
क्या हुई पूरी घटना?
स्थानीय लोगों की शिकायत पर सांसद कुल्ही चौक पहुंचे थे। शिकायत थी कि NHAI ने सड़क की घेराबंदी कर यातायात बाधित कर दिया है और एप्रोच रोड को ब्लॉक कर दिया गया है। सांसद ने अधिकारियों से पूछा कि बिना रोड ट्रांसफर (PWD से NHAI को) के सड़क कैसे ब्लॉक की जा रही है? जब अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो सांसद का पारा चढ़ गया।सांसद ने कहा, “रोड ट्रांसफर नहीं हुआ है, तो कैसे काम कर रहे हैं? फॉर्मेलिटी पूरी नहीं हुई तो गुंडागर्दी क्यों? आप प्रशासन के लोग हैं, ऐसा मत कीजिए। एप्रोच रोड जो PWD का है, उसका पेमेंट भी ले लिया? लूटने नहीं देंगे। बिना PWD से पूछे रोड कैसे काट दिया?” अधिकारियों ने जवाब दिया कि इसमें गुंडागर्दी की क्या बात है, लेकिन सांसद ने फिर तीखा हमला बोला- “जवाब क्यों नहीं दे रहे? कैसे काम करने आ गए?
“सांसद की सफाई : गड़बड़ियां देखकर सख्ती की
घटना के बाद सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि NHAI अधिकारी कई जगहों पर गड़बड़ी कर रहे हैं। बिना PWD की अनुमति के काम चल रहा है। पहाड़ काटकर पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है। एप्रोच रोड ब्लॉक कर दी गई है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। जब अधिकारियों से इन खामियों का जवाब मांगा तो वे चुप रहे, इसलिए सख्त लहजा अपनाना पड़ा। सांसद ने कहा कि जनता की शिकायत पर पहुंचा था और अनियमितताएं नहीं सहन करूंगा।
परियोजना का बैकग्राउंड
यह विवाद भारतमाला परियोजना के तहत रामगढ़ क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण से जुड़ा है। स्थानीय लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं कि निर्माण के नाम पर यातायात बाधित हो रहा है और नियमों की अनदेखी की जा रही है। NHAI का दावा है कि काम निर्धारित नियमों के तहत हो रहा है, लेकिन सांसद के हस्तक्षेप से मामला गरमा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सांसद का तीखा अंदाज साफ दिख रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे सांसद की जनता के हित में सख्ती बताया जा रहा है, जबकि कुछ इसे अनावश्यक गरमागरमी मान रहे हैं। NHAI अधिकारियों ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।