पटना : बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का निधन हो गया। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर है।
आरके सिन्हा (75) का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली से पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। हालांकि, अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का समय अभी घोषित नहीं किया गया है।
250 रुपये की नौकरी से शुरू किया था सफर
22 सितंबर 1951 को बिहार के बक्सर में जन्मे आरके सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। वे ‘द सर्चलाइट’ और ‘प्रदीप’ जैसे अखबारों से जुड़े रहे। शुरुआती दिनों में उन्हें महज 250 रुपये महीने वेतन मिलता था। साइकिल से घूमकर रिपोर्टिंग करने वाले सिन्हा ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की भी युद्ध संवाददाता के रूप में रिपोर्टिंग की थी।
साल 1974 में उन्होंने पटना से सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) ग्रुप की स्थापना की। पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की सोच के साथ शुरू हुआ यह कारोबार आगे चलकर एक बड़े निजी सुरक्षा सेवा समूह के रूप में विकसित हुआ।
राजनीति में भी रही अहम भूमिका
आरके सिन्हा का राजनीतिक सफर जनसंघ से शुरू हुआ था। वे भाजपा के शुरुआती दौर के नेताओं और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। वर्ष 2014 में भाजपा ने उन्हें बिहार से राज्यसभा भेजा। वे 2020 तक उच्च सदन के सदस्य रहे।
कारोबार और राजनीति के अलावा वे शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय थे। उनके निधन को बिहार की राजनीति और कारोबारी जगत के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
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