रांची। झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर मंगलवार देर रात पेट्रोल बम से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना रात करीब 12:30 बजे की है। सीसीटीवी फुटेज में दो युवकों को कार्यालय परिसर की ओर पेट्रोल से भरी बोतलें फेंकते हुए देखा गया है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हमले में प्रयुक्त वाहन भी जब्त कर लिया गया है।
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
जानकारी के अनुसार आरोपी एक कार से आरएसएस कार्यालय के पास पहुंचे थे। कार को कुछ दूरी पर खड़ा करने के बाद दोनों युवक कार्यालय परिसर के समीप आए। रात 12:38 बजे पहली पेट्रोल बम वाली बोतल फेंकी गई। इसके करीब एक मिनट बाद वे दोबारा लौटे और दूसरी बोतल फेंकी।
पहली बोतल कार्यालय की छत पर गिरी, जिससे पेट्रोल फैल गया और आग की लपटें उठीं। हालांकि वहां कोई ज्वलनशील सामग्री नहीं होने के कारण आग ज्यादा नहीं फैली और कुछ देर बाद स्वतः बुझ गई। दूसरी बोतल प्रवेश द्वार के पास गिरी, लेकिन उसमें आग नहीं लगी।
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घटना के समय परिसर में मौजूद थे 20 लोग
संघ की ओर से चुटिया थाना में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक घटना के समय कार्यालय परिसर में करीब 20 लोग मौजूद थे। इनमें सात प्रचारक, दो विद्यार्थी, चालक, रसोइया और अन्य कर्मचारी शामिल थे। सभी अपने कमरों में सो रहे थे।
बताया गया कि धमाके जैसी आवाज सुनकर कुछ लोगों की नींद खुली थी, लेकिन अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दिया। सुबह करीब पांच बजे छत पर टहलने गए लोगों ने टूटे हुए कांच और जले हुए पेट्रोल के निशान देखे, जिसके बाद हमले का खुलासा हुआ।
NIA की टीम भी पहुंची
घटना की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब तीन बजे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तीन सदस्यीय टीम भी आरएसएस कार्यालय पहुंची। टीम ने संघ पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच अधिकारियों ने छत पर जाकर टूटे हुए कांच के टुकड़ों और अन्य संदिग्ध सामग्रियों का निरीक्षण किया तथा नमूने भी एकत्र किए। हालांकि इस मामले में NIA की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
भाजपा और संघ नेताओं का जमावड़ा
घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा और संघ के कई वरिष्ठ नेता कार्यालय पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह, आदित्य साहू और सरयू राय सहित कई नेताओं ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
झारखंड में पहली ऐसी घटना
संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक के अनुसार निवारणपुर स्थित यह कार्यालय वर्ष 1990 से संचालित हो रहा है और झारखंड में आरएसएस कार्यालय पर इस तरह का हमला पहली बार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कुछ समय पहले संगठन को धमकी भी मिली थी।
पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमले के पीछे कोई संगठित साजिश थी या नहीं। जांच एजेंसियां आरोपियों की पृष्ठभूमि, संपर्क और संभावित मकसद की भी पड़ताल कर रही हैं।
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