Jamshedpur : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 26 फरवरी को झारखंड दौरे पर जमशेदपुर पहुंचेंगी, जहां वे मरीन ड्राइव क्षेत्र में प्रस्तावित भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर परियोजना का शिलान्यास करेंगी। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और आयोजन समिति ने तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं।
100 करोड़ की लागत से बनेगा मंदिर परिसर
श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चर चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट की ओर से मरीन ड्राइव क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर निर्माण प्रस्तावित है। ट्रस्ट के चेयरमैन सह आरसीबी ग्रुप इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक एस.के. बेहरा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि परियोजना लगभग ढाई एकड़ भूमि पर विकसित होगी।
- करीब डेढ़ एकड़ क्षेत्र में मुख्य मंदिर परिसर विकसित किया जाएगा
- लगभग एक एकड़ भूमि पर आध्यात्मिक केंद्र का निर्माण होगा
मंदिर की वास्तु संरचना पुरी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर तैयार की जाएगी। परिसर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
निर्माण अवधि और परियोजना का उद्देश्य
बेहरा के अनुसार मंदिर निर्माण कार्य लगभग चार वर्षों में पूर्ण होने का लक्ष्य है, जबकि आध्यात्मिक केंद्र दो वर्षों में तैयार करने की योजना है। आध्यात्मिक केंद्र को युवाओं और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए समर्पित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यहां गीता और भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से जीवन मूल्यों, अनुशासन और नैतिक शिक्षा पर आधारित गतिविधियां संचालित की जाएंगी। ट्रस्ट का कहना है कि 200 से 250 किलोमीटर के दायरे में स्थित शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को 15 से 25 दिनों के आवासीय कार्यक्रम के लिए आमंत्रित करने की योजना है, ताकि उनके भीतर नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास हो सके।
भूमि आवंटन की पृष्ठभूमि
एस.के. बेहरा ने बताया कि भूमि आवंटन उस अवधि में हुआ था जब द्रौपदी मुर्मू झारखंड की राज्यपाल थीं। परियोजना को धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम की समय-सारिणी
आयोजन समिति के अनुसार राष्ट्रपति दोपहर 12:20 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी और लगभग 1:20 बजे संबोधन के बाद रवाना होंगी। समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति प्रस्तावित है। श्रद्धालुओं के लिए भोग-प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था
ट्रस्ट का मानना है कि परियोजना पूर्ण होने के बाद यह परिसर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना व्यक्त की गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से कार्यक्रम के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है ताकि आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।