रांची में धरना-प्रदर्शन और रैली को लेकर प्रशासन सख्त, बिना अनुमति आयोजन पर रोक

Anand Kumar

रांची: राजधानी रांची में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभाओं को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से पहले सक्षम प्राधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी रांची सदर या बुंडू से निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।

बिना पूर्व सूचना कार्यक्रम से प्रभावित होती है व्यवस्था

जिला प्रशासन के अनुसार, रांची के विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर बड़ी संख्या में लोग धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली और आमसभाओं में शामिल होते हैं। कई मामलों में कार्यक्रम की पूर्व सूचना प्रशासन को नहीं दी जाती। अचानक लोगों के जुटने या जुलूस निकलने से यातायात, विधि-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चुनौती पैदा हो जाती है।

प्रशासन का कहना है कि ऐसे आयोजनों से आम लोगों के आवागमन में परेशानी होती है। एंबुलेंस, स्कूल वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य जरूरी सेवाओं के आवागमन पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में आयोजकों को कार्यक्रम से पहले आवश्यक जानकारी प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी, ताकि सुरक्षा और यातायात की समुचित व्यवस्था की जा सके।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना और विरोध-प्रदर्शन करना नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हिस्सा है। हालांकि, इस अधिकार का इस्तेमाल सार्वजनिक व्यवस्था, जन-सुरक्षा, यातायात और अन्य नागरिकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए लागू कानूनों और सक्षम प्राधिकारी के वैध निर्देशों के तहत करना होगा।

प्रशासन के मुताबिक, अनुमति की प्रक्रिया का उद्देश्य लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण कार्यक्रमों को रोकना नहीं है। इसका मकसद कार्यक्रम में शामिल लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ शहर की कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।

जुलूस और रैली के लिए देनी होगी पूरी जानकारी

प्रशासन ने जुलूस और रैली आयोजित करने वाले संगठनों से कार्यक्रम की जानकारी पहले से उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें मुख्य रूप से—

  • प्रस्तावित रूट या मार्ग
  • कार्यक्रम की तारीख
  • जुलूस या रैली के शुरू और समाप्त होने का समय
  • संभावित प्रतिभागियों की संख्या
  • कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्तियों की जानकारी

शामिल है। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस और प्रशासन सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और अन्य जरूरी इंतजाम कर सकेगा।

सार्वजनिक रास्ते को अनधिकृत तरीके से बाधित न करें

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे सार्वजनिक मार्ग या स्थान पर अनधिकृत रूप से आवागमन बाधित हो। कार्यक्रम के कारण जन-सुरक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए और न ही आम नागरिकों के अधिकारों में अनुचित हस्तक्षेप होना चाहिए।

छात्रों और आम लोगों से भी अपील

जिला प्रशासन ने छात्रों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी धरना-प्रदर्शन, रैली या जुलूस में शामिल होने से पहले आयोजकों से कार्यक्रम की वैधानिक स्थिति और प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों की जानकारी प्राप्त कर लें।

प्रशासन ने अफवाह, सोशल मीडिया पोस्ट या भ्रामक सूचना के आधार पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाने की अपील की है, जिससे कानून-व्यवस्था, सुरक्षा या यातायात प्रभावित हो।

राजनीतिक दलों और संगठनों से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, विभिन्न संस्थाओं, छात्र संगठनों और आम नागरिकों से सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है।

प्रशासन ने कहा है कि कार्यक्रम से संबंधित आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराने से सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और यातायात के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा सकेंगे।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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