झारखंड के राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में सावन की पहली सोमवारी पर 3 अगस्त 2026 को कांवड़ियों का पहला जत्था पहुंचेगा, जिसे लेकर, जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने सभी तैयारियां लगभग समाप्त कर ली हैं। इस बार भी, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा यातायात एवं पूजा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पानी, चिकित्सा सहायता, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था की पहल की गई है। जलाभिषेक के दौरान, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए हैं, जिससे, प्रशासन ने सुरक्षा के मुद्देनजर पुलिस बल और दण्डाधिकारियों की तैनाती भी की है।
श्रद्धालुओं से यह अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्ग और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का जरूर से पालन करें, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करें। सावन के पूरे महीने पहाड़ी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की भीड़ रहने की अधिक संभावना होती है।