रांची: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में सोमवार, 26 अक्टूबर को रांची में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई और धक्का-मुक्की के साथ तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बैरिकेडिंग कर दोनों पक्षों को अलग किया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। पुलिस की तत्परता से कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।
जिला स्कूल मैदान से कांग्रेस भवन तक निकाला मार्च
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता जिला स्कूल मैदान से कांग्रेस भवन का घेराव करने निकले। रांची विश्वविद्यालय के समीप प्रशासन की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग के पास भाजपा कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया। उधर, भाजपा के प्रदर्शन की सूचना पर कांग्रेस के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में कांग्रेस भवन में जुटे थे। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंचे, दोनों ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के नेताओं पर आरोप लगाए। माहौल तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
बाबूलाल मरांडी समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रविंद्र राय, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह और भाजपा युवा मोर्चा तथा महिला मोर्चा के कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया और सार्वजनिक माफी की मांग की।
बाबूलाल मरांडी ने खरगे के बयान की आलोचना की। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के आंदोलन को रोकने का प्रयास कर रहे थे। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी कांग्रेस पर प्रदर्शन के दौरान गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया। ये आरोप भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप
कांग्रेस की ओर से प्रदेश महासचिव आलोक दुबे, सुरेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, राकेश सिन्हा, सोनाल शांति और किशोरनाथ शाहदेव समेत कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन कर रही है और बार-बार कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही है।
आलोक दुबे ने कहा कि भाजपा नेता लगातार कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस तरह के विरोध प्रदर्शनों पर भी सवाल उठाए।
पुलिस की मौजूदगी में समाप्त हुआ प्रदर्शन
दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने और धक्का-मुक्की की स्थिति बनने के बाद पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। बैरिकेडिंग के जरिए दोनों पक्षों को अलग रखा गया और कार्यकर्ताओं को समझाकर स्थिति शांत कराई गई। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
हालांकि, इस घटनाक्रम के बाद भाजपा की ओर से आगे भी आंदोलन किए जाने के संकेत दिए गए हैं। कांग्रेस कार्यालय के घेराव ने राजधानी रांची में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को एक बार फिर सामने ला दिया है।
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