पटना साइबर ठगी: 2.25 करोड़ का ‘मास्टरमाइंड’ खुद को पीड़ित बताकर पहुंचा थाना, ऐसे खुला राज

Anand Kumar
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पटना में ₹2.25 करोड़ की ठगी करने वाला आरोपी विकास कुमार विपुल पुलिस की गिरफ्त में।

Patna : बिहार की राजधानी में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब पुलिस को ही चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला पटना के एक कारोबारी से 2.25 करोड़ की ठगी का है, जिसमें पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है जो खुद को ‘पीड़ित’ बताकर एफआईआर दर्ज कराने साइबर थाने पहुंचा था।

शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ₹2.25 करोड़ की ठगी का तरीका

जांच में सामने आया है कि 21 वर्षीय आरोपी विकास कुमार विपुल ने ‘इंडिया बोल्ट प्लस’ जैसे फर्जी निवेश ऐप के जरिए जाल बिछाया था। वह सोशल मीडिया पर खुद को स्टॉक मार्केट का एक्सपर्ट बताता और लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देता था। पटना में शेयर बाजार के नाम पर ठगी करने वाला यह गिरोह पहले छोटे मुनाफे का भरोसा दिलाता और फिर बड़ी रकम निवेश करवाकर रफूचक्कर हो जाता था।

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साइबर थाने में आरोपी की गिरफ्तारी का फिल्मी मोड़

जब पीड़ित कारोबारी राजकिशोर सिंह ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी विकास ने बचने के लिए एक अनोखी चाल चली। वह खुद साइबर थाने पहुंचा और शिकायत की कि उसके साथ ठगी हुई है। हालांकि, पटना साइबर पुलिस की तकनीकी जांच और डिजिटल फुटप्रिंट्स ने उसकी पोल खोल दी। पुलिस ने पाया कि जिस नंबर और बैंक खाते से ठगी हुई थी, वे विकास से ही जुड़े थे।

साइबर सुरक्षा अलर्ट: फर्जी निवेश ऐप से कैसे बचें?

पटना में हुई ₹2.25 करोड़ की ठगी के बाद यह समझना जरूरी है कि खुद को सुरक्षित कैसे रखें। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं:

  • सेबी (SEBI) रजिस्ट्रेशन की जांच करें: किसी भी व्यक्ति या संस्था को निवेश की सलाह देने के लिए SEBI से रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। निवेश से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर जांचें।
  • अविश्वसनीय मुनाफे से सावधान: अगर कोई आपको 1 महीने में पैसा दोगुना करने या बिना किसी रिस्क के भारी मुनाफे का लालच दे रहा है, तो समझ लीजिए कि वह साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) है।
  • अनजान ऐप डाउनलोड न करें: ‘इंडिया बोल्ट प्लस’ जैसे ऐप अक्सर प्ले स्टोर के बजाय सीधे लिंक (APK फाइल) के जरिए डाउनलोड करवाए जाते हैं। हमेशा आधिकारिक ‘Google Play Store’ या ‘Apple App Store’ का ही इस्तेमाल करें।
  • सोशल मीडिया ग्रुप्स से दूरी: टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप्स में दिए जाने वाले ‘स्टॉक टिप्स’ से बचें। अपराधी अक्सर नकली ‘प्रॉफिट स्क्रीनशॉट्स’ दिखाकर आपको झांसे में लेते हैं।
  • शिकायत कहाँ करें?: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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