संदिग्ध लेनदेन पर चुप्पी, शराब घोटाले में विनय सिंह की मुश्किलें बढ़ीं, दो समन पर हाजिर नहीं हुआ बेटा, अब तीसरे की तैयारी

Anand Kumar
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Ranchi : झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति मामले में मुख्य आरोपी विनय सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की जा रही सघन पूछताछ के दौरान आरोपी के रवैये से एजेंसी का संदेह और गहरा हुआ है। जांच अधिकारियों का कहना है कि विनय सिंह न केवल सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि अहम तथ्यों को छिपाने का भी प्रयास कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, हालिया पूछताछ में जब एसीबी ने विनय सिंह के सामने संदिग्ध बैंक लेन-देन और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज रखे, तो वे स्पष्ट जवाब देने से कतराते नजर आए। करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन पर सवाल पूछे जाने पर आरोपी बार-बार यही दोहराते रहे कि उन्हें अपने बैंक खातों और लेन-देन का कोई विवरण याद नहीं है।

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इतना ही नहीं, निवेश से जुड़े सवालों पर विनय सिंह ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सारा दायित्व अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील पर डाल दिया। उन्होंने जांच अधिकारियों को बताया कि वे अपने कानूनी सलाहकारों से परामर्श किए बिना किसी भी तरह की जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। एसीबी इस रवैये को जानबूझकर जांच को प्रभावित करने और समय खींचने की रणनीति के तौर पर देख रही है।

इस बीच, जांच की आंच अब विनय सिंह के परिवार तक पहुंचती दिखाई दे रही है। एसीबी को आशंका है कि शराब घोटाले से अर्जित अवैध धन का एक बड़ा हिस्सा आरोपी के बेटे के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया गया है। इसी कड़ी में एजेंसी ने विनय सिंह के बेटे को अब तक दो बार समन जारी किया है, लेकिन वह एक भी बार पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुआ।

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सूत्रों का कहना है कि यदि तीसरे समन के बाद भी वह जांच में शामिल नहीं होता है, तो एसीबी अदालत का रुख कर उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। वहीं, आरोपी की पत्नी स्निग्धा सिंह की भी तलाश तेज कर दी गई है और एजेंसी उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।

एसीबी के अधिकारियों का दावा है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, शराब घोटाले और उससे जुड़े धन के नेटवर्क को लेकर और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, एजेंसी इस पूरे मामले को कड़ी निगरानी में लेकर जांच को अंजाम दे रही है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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