छतरपुर के मनहू गांव की घटना, नवजात के पास मिली पूजा सामग्री; पुलिस ने बलि की आशंका को अफवाह बताया, पारिवारिक कारणों से बच्ची को छोड़ने की बात आई सामने
पलामू: झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मनहू गांव में जन्म के कुछ घंटे बाद ही एक नवजात बच्ची को बारिश के बीच धान के खेत की मेड़ पर छोड़ दिया गया। बच्ची के पास पूजा-पाठ की सामग्री भी मिली, जिसके बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों ने बच्ची की मां को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नवजात और उसकी मां को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया है।
जानकारी के मुताबिक, मनहू गांव निवासी रवींद्र उरांव की पत्नी ने शुक्रवार की रात बच्ची को जन्म दिया था। दंपती के पहले से दो बेटियां और दो बेटे हैं। पांचवें बच्चे के जन्म के कुछ घंटे बाद ही नवजात को गांव के एक धान के खेत की मेड़ पर छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ युवकों की नजर खेत की मेड़ पर पड़ी नवजात बच्ची पर गई। वे उस समय धान के खेत में मछली पकड़ रहे थे। बच्ची को बारिश में भीगता और बिना कपड़ों के देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया और तत्काल उसे सुरक्षित करने की कोशिश की।
इसी दौरान ग्रामीणों ने बच्ची की मां को भी पकड़ लिया और पुलिस को घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन महिलाएं एक झोले में नवजात को लेकर खेत की ओर पहुंची थीं। हालांकि, अन्य महिलाओं की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
नवजात के पास मिली पूजा सामग्री, बलि की आशंका पर पुलिस ने क्या कहा?
घटनास्थल के पास पूजा-पाठ की सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच बच्ची की बलि दिए जाने की आशंका को लेकर चर्चा शुरू हो गई। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक मंदिर भी है। हालांकि, बलि दिए जाने की आशंका की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छतरपुर थाना प्रभारी सौरव चौबे ने बताया कि नवजात को खेत की मेड़ पर छोड़ दिया गया था। पुलिस ने मां और बच्ची को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पारिवारिक कारणों से मां ने इस तरह का कदम उठाया था। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच रेफर
ग्रामीणों और पुलिस की मदद से नवजात बच्ची और उसकी मां को पहले छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच), पलामू रेफर कर दिया।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बच्ची को खेत में छोड़ने के पीछे की वास्तविक वजह, घटनास्थल पर मौजूद अन्य महिलाओं की भूमिका और पूजा सामग्री वहां कैसे पहुंची, इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले में किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और जांच पूरी होने का इंतजार करें।
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