ऑपरेशन सिंदूर : आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी ढेर, मोदी बोले – देश की नजर हम पर थी, ये तो होना ही था

Anand Kumar
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New Delhi/Islamabad – पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ भारत ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मंगलवार देर रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके के भीतर एयरस्ट्राइक कर 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के 15 दिन बाद की गई है। इस अभियान को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया है, जो उन शहीदों की पत्नियों को समर्पित है, जिनका सिंदूर इस हमले ने छीन लिया।

सूत्रों के मुताबिक इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। इस बीच, पाकिस्तान सरकार और सेना से इस हमले पर विरोधाभासी और भ्रमपूर्ण बयान सामने आ रहे हैं।


ऑपरेशन की रणनीति और टारगेट की जानकारी

भारतीय वायुसेना ने यह ऑपरेशन रात 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच चलाया। मिशन को अंजाम देने में कुल 25 मिनट लगे। इस दौरान पीओके और पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों में लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स और आतंकी रिक्रूटमेंट कैंप शामिल थे।

इस कार्रवाई की पुष्टि सुबह 10:30 बजे हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, जिसमें विदेश मंत्रालय से विक्रम मिसरी, आर्मी से कर्नल सोफिया कुरैशी, और एयरफोर्स से विंग कमांडर व्योमिका सिंह शामिल थीं। उन्होंने बताया कि हमले के पहले 2 मिनट का फुटेज भी जारी किया गया जिसमें आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई को दिखाया गया।

जिन ठिकानों पर हमला हुआ, वे इस प्रकार हैं:

  1. मुजफ्फराबाद का सवाई नाला ट्रेनिंग सेंटर – यहां सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमलों में शामिल आतंकियों को ट्रेनिंग दी गई थी।
  2. सैयदना बिलाल कैंप (मुजफ्फराबाद) – यहां हथियार, विस्फोटक और जंगल में सर्वाइवल की ट्रेनिंग दी जाती थी।
  3. कोटली का गुरपुर कैंप – 2023 में पूंछ में श्रद्धालुओं पर हमला करने वाले यहीं से प्रशिक्षित थे।
  4. भिम्बर का बरनाला कैंप – यह फायरिंग और हथियार चलाने की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होता था।
  5. अब्बास कैंप (कोटली) – एलओसी से महज 13 किमी दूर यह कैंप फिदायीन तैयार करने में इस्तेमाल होता था।
  6. सरजल कैंप (सियालकोट) – मार्च 2025 में पुलिस जवानों की हत्या में शामिल आतंकियों को यहीं ट्रेनिंग दी गई थी।
  7. हिजबुल महमूना जाया कैंप (सियालकोट) – यह पठानकोट हमले की योजना का अड्डा था।
  8. मरकज तैयबा कैंप (मुरीदके) – यहीं से अजमल कसाब और डेविड कोलमैन हेडली जैसे आतंकी तैयार हुए थे।
  9. मस्जिद सुभान अल्लाह (बहावलपुर) – जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, जहां भर्ती और ट्रेनिंग दोनों होती थी।

प्रधानमंत्री की पूरी रात निगरानी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी रात इस ऑपरेशन की निगरानी की। ऑपरेशन पूरा होने के बाद सुबह कैबिनेट की आपात बैठक हुई जिसमें उन्होंने तीनों सेनाओं की खुले तौर पर सराहना की और कहा – “ये नया भारत है। हम अब चुप नहीं बैठते। देश की निगाहें हम पर थीं, और यह कार्रवाई जरूरी थी।”


पाकिस्तान के विरोधाभासी बयान

एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार और मीडिया से लगातार अलग-अलग बयान सामने आए:

  1. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जियो टीवी को दिए बयान में कहा कि भारत ने पाकिस्तान की सीमा से मिसाइलें दागीं, जो नागरिक इलाकों में गिरीं।
  2. पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत के 6 फाइटर जेट्स मार गिराए हैं, जिनमें 3 राफेल, 2 मिग-29 और 1 सुखोई शामिल है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि LoC के पास भारतीय चेकपोस्ट तबाह कर दिए गए हैं।
  3. ISPR प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दो बयान जारी किए। पहले बयान में उन्होंने कहा कि हमले 5 ठिकानों पर हुए और 3 लोगों की मौत हुई। तीन घंटे बाद उन्होंने कहा कि भारत ने 6 इलाकों में 24 मिसाइलें दागीं, जिसमें 8 नागरिक मारे गए, 35 घायल हुए और 2 लापता हैं।

मारे गए आतंकी और बड़ा नुकसान

इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर हाफिज अब्दुल मलिक की मौत की पुष्टि हुई है। यह कमांडर मुरीदके स्थित मरकज तैयबा कैंप में मौजूद था, जिस पर सीधा हमला किया गया।

बीबीसी उर्दू की एक रिपोर्ट के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने दावा किया है कि सुभान अल्लाह मस्जिद पर किए गए हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और 4 करीबी मारे गए हैं।


भारत की स्पष्ट नीति: अब आतंक पर मूकदर्शक नहीं

भारत ने यह ऑपरेशन उस समय अंजाम दिया जब आतंकी संगठनों द्वारा लगातार उकसावे और हमलों की श्रृंखला चल रही थी। पहलगाम हमले में निर्दोषों की हत्या के बाद भारत सरकार पर जवाबी कार्रवाई का दबाव था।

ऑपरेशन सिंदूर न केवल एक सैन्य प्रतिक्रिया है, बल्कि यह एक भावनात्मक और रणनीतिक संदेश भी है कि भारत अपने नागरिकों, जवानों और सीमा की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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