राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने योजना आयोग की कार्यशैली पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधा। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक पुराने भाषण का हवाला देते हुए तत्कालीन योजना आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
जब पीएम मोदी ने किया इंदिरा गांधी का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बात खुद इंदिरा गांधी ने स्वीकार की थी कि योजना आयोग सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने उसे सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।पीएम मोदी ने इंदिरा गांधी के हिमाचल प्रदेश दौरे से जुड़ा एक किस्सा भी सदन में साझा किया।
‘लोगों को जीप नहीं, खच्चरों की जरूरत’
पीएम मोदी ने बताया कि इंदिरा गांधी ने अपने एक भाषण में कहा था कि उन्हें लंबे समय तक योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा। पहाड़ी इलाकों के लिए अलग योजनाएं बनाने को लेकर आयोग तैयार नहीं था।हिमाचल दौरे के बाद इंदिरा गांधी ने योजना आयोग से कहा था कि वहां काम करने वाले लोगों को जीप नहीं, बल्कि खच्चरों की जरूरत है, ताकि सामान ढोया जा सके। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी ने यह भी बताया था कि जब उन्होंने खच्चरों के लिए फंड देने की बात की, तो योजना आयोग ने साफ इनकार कर दिया।आयोग का कहना था कि पैसे केवल जीप के लिए ही दिए जाएंगे, क्योंकि खच्चरों के लिए फंड देने की कोई नीति नहीं है। जबकि उस इलाके में सड़कें तक नहीं थीं और ऐसे में जीप का कोई मतलब नहीं था।
2014 तक देश रहा परेशान
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जिस योजना आयोग की इंदिरा गांधी आलोचना कर रही थीं, उसकी नींव उनके पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी।योजना आयोग बने दो दशक से ज्यादा हो चुके थे और 2014 तक देश इससे परेशान रहा, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया।‘
अटकाना, लटकाना और भटकाना’ का आयोग
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने योजना आयोग को ‘अटकाना, लटकाना और भटकाना’ का केंद्र बना दिया था। इसी वजह से उनकी सरकार ने योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग का गठन किया।