बांग्लादेश चुनाव में BNP की ऐतिहासिक जीत, तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय

Anand Kumar
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Dhaka : तारिक रहमान (Tarique Rahman) के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बांग्लादेश के आम चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की है। सुबह 9:30 बजे तक आए नतीजों के अनुसार, BNP ने 299 में से 209 सीटें जीत ली हैं, जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक 150 सीटों से काफी अधिक है। इस जीत के साथ ही तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।

इस चुनाव में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी और छात्र आंदोलन से उभरी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) को करारी हार का सामना करना पड़ा।


BNP की जीत के तीन सबसे बड़े कारण

1. अवामी लीग के वोटरों का शिफ्ट होना

पूर्व प्रधानमंत्री सेक हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनाव नहीं लड़ने से उसका बड़ा वोट बैंक, खासकर हिंदू वोटर्स, BNP की ओर शिफ्ट हो गया। BNP ने गोपालगंज, खुलना, सिलहट, चटगांव और ठाकुरगंज जैसे पारंपरिक अवामी लीग गढ़ों में भी जीत हासिल की।

2. जमात-ए-इस्लामी की खराब छवि

जमात-ए-इस्लामी को उसके ऐतिहासिक रुख और कट्टरपंथी छवि का नुकसान उठाना पड़ा। बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का विरोध करने का अतीत अब भी मतदाताओं के बीच नकारात्मक प्रभाव डालता है। चुनाव से पहले रिश्वत और बैलेट में गड़बड़ी के आरोपों ने भी पार्टी की साख को नुकसान पहुंचाया।

3. छात्र पार्टी NCP का कमजोर संगठन

छात्र आंदोलन से उभरी NCP के पास मजबूत कैडर और जमीनी संगठन का अभाव था। आंतरिक मतभेद और जमात के साथ गठबंधन ने उसकी विश्वसनीयता को और कमजोर कर दिया। पार्टी 30 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 4 सीटें जीत सकी।


BNP की जीत के सबसे बड़े फैक्टर बने तारिक रहमान

तारिक रहमान, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर्र रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। करीब 17 साल के निर्वासन के बाद वे 25 दिसंबर 2025 को लंदन से बांग्लादेश लौटे थे।

उनकी वापसी BNP के लिए निर्णायक साबित हुई। देश लौटने पर उनका भव्य स्वागत हुआ और उन्होंने पूरे देश में जनसभाएं कर पार्टी को मजबूत किया। खालिदा जिया के निधन (30 दिसंबर 2025) के बाद उन्हें पार्टी का चेयरमैन बनाया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, सहानुभूति लहर, अवामी लीग की अनुपस्थिति और तारिक रहमान की सक्रियता ने BNP की जीत सुनिश्चित की।


जमात और NCP को क्यों मिली हार

जमात-ए-इस्लामी की हार के कारण:

  • कट्टरपंथी छवि
  • मुक्ति संग्राम विरोध का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
  • चुनाव से पहले विवादित वीडियो और आरोप
  • कोर वोटर्स का विश्वास कम होना

NCP की हार के कारण:

  • अनुभव और संगठन की कमी
  • आंदोलन का प्रभाव कम होना
  • आंतरिक मतभेद
  • शहरी पार्टी की छवि
  • मतदाताओं का अनुभवी पार्टी को प्राथमिकता देना

आगे क्या: मजबूत सरकार या राजनीतिक दबाव?

BNP को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तारिक रहमान स्वतंत्र रूप से सरकार चलाते हैं या अंतरिम सरकार और अन्य राजनीतिक दबावों का सामना करना पड़ता है।

हालांकि, स्पष्ट बहुमत के साथ BNP के लिए स्थिर सरकार बनाना आसान माना जा रहा है। जमात-ए-इस्लामी विपक्ष में बैठने की तैयारी कर रही है, जिससे बांग्लादेश की राजनीति में नई ध्रुवीकरण की स्थिति बन सकती है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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