नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर झारखंड में सियासी घमासान: बीजेपी ने बताया ‘ऐतिहासिक कदम’, तो इंडिया गठबंधन बोला- ‘राजनीतिक हत्या’

Anand Kumar
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Ranchi : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद झारखंड की राजनीति में भी भारी उबाल आ गया है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता इसे एक परिपक्व फैसला बता रहे हैं, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इसे भाजपा की चाल और नीतीश कुमार की ‘राजनीतिक हत्या’ करार दिया है।

यहाँ पढ़िए इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर झारखंड के नेताओं ने क्या कहा:

बीजेपी का पक्ष: “ईश्वर ने इच्छा पूरी की और युवाओं के लिए मिसाल”

झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने नीतीश कुमार के इस कदम का खुलकर स्वागत किया है।

  • झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि वे एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ हैं और विधानसभा, विधान परिषद व लोकसभा के बाद राज्यसभा जाने की उनकी इच्छा ईश्वर ने पूरी कर दी है।
  • साहू ने नीतीश कुमार को स्वतंत्र निर्णय लेने वाला व्यक्ति बताया और कहा कि वे किसी के दबाव में फैसले नहीं लेते।
  • तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए साहू ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए और सोचना चाहिए कि लालू प्रसाद यादव ने पार्टी को जहाँ छोड़ा था, तेजस्वी ने उसे कहाँ पहुँचा दिया है।
  • झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने नीतीश कुमार को मैच्योर्ड (परिपक्व) राजनीतिज्ञ करार दिया।
  • मरांडी ने कहा कि नीतीश कुमार ने नई पीढ़ी के लिए जगह खाली करके एक मिसाल कायम की है और युवा पीढ़ी के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है।

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इंडिया गठबंधन का पलटवार: “धोखा, साज़िश और राजनीतिक हत्या”

राज्य में सत्तारूढ़ इंडिया ब्लॉक के दलों ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

  • झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि भाजपा अपनी विचारधारा वाले नेता को बिहार की कमान सौंपने जा रही है, जो उन करोड़ों मतदाताओं के साथ धोखा है जिन्होंने नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट दिया था।
  • पांडेय ने आरोप लगाया कि कुछ ही महीनों में नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से समाप्त करने और जदयू का नामोनिशान मिटाने की साज़िश रची गई है, और नीतीश कुमार ने भारी दबाव में आकर यह फैसला लिया है।
  • झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘राजनीतिक हत्या’ और बिहार के जनादेश का अपमान बताया।
  • विनोद पांडेय ने यह आशंका भी जताई कि आने वाले समय में जदयू का विलय भाजपा में हो सकता है।
  • कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कमल ठाकुर ने दावा किया कि भाजपा नीतीश कुमार को देश का “दूसरा शिंदे” बनाना चाहती है।
  • कमल ठाकुर ने कहा कि भाजपा अपने ही सहयोगी दलों को सुरसा की तरह निगल जाती है और जदयू अब कुछ ही महीनों की मेहमान है।
  • राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने इसे तख्तापलट जैसा बताते हुए कहा कि भाजपा ने गलत तरीके से ‘नीतीश युग’ का अंत कर दिया है।
  • कैलाश यादव ने कहा कि नीतीश कुमार को समाजवाद के नाम पर ढोंग करने वाले और सत्ता सुख के लिए भाजपा-आरएसएस की गोद में बैठने वाले नेता के रूप में याद रखा जाएगा।

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झामुमो को भाजपा का जवाब

झामुमो और कांग्रेस के इन बयानों पर पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

  • शिवपूजन पाठक ने कहा कि झामुमो को बिहार की चिंता करने के बजाय अपनी खुद की चिंता करनी चाहिए।
  • उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि झामुमो को यह बताना चाहिए कि राजद और कांग्रेस ने उनके साथ जो अन्याय किया है और उन्हें ‘खाली डिब्बा’ वापस भेजा है, उस पर वे कब समीक्षा करेंगे।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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