नये अध्यक्ष ने कहा– साधारण कार्यकर्ता को मिला असाधारण सम्मान
New Delhi : भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में मंगलवार का दिन महत्वपूर्ण रहा, जब भारतीय जनता पार्टी ने अपने 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन के नाम की औपचारिक घोषणा की। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में नितिन नबीन का निर्विरोध निर्वाचन घोषित किया गया। इससे पहले 14 दिसंबर 2025 को उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सोमवार को फुल-टाइम अध्यक्ष पद के लिए उनका एकमात्र नामांकन आया, जिसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया औपचारिकता बनकर रह गई।
मोदी ने पहनाई माला, 55 मिनट के भाषण में संगठनात्मक संदेश
पदभार ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद अपने 55 मिनट लंबे भाषण में प्रधानमंत्री ने भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति को रेखांकित करते हुए कहा कि पार्टी में पद से अधिक महत्व कार्यकर्ता भाव का है।
मोदी ने कहा, “लोग सोचते होंगे कि मोदी इतनी कम उम्र में मुख्यमंत्री बने, देश के हेड ऑफ गवर्नमेंट बने, लेकिन इन सबसे बड़ी बात यह है कि मैं भाजपा का एक कार्यकर्ता हूं। मैं मानता हूं कि अब नितिनजी मेरे बॉस हैं और मैं कार्यकर्ता हूं। वे मेरे काम का आकलन करेंगे।”
प्रधानमंत्री का यह वक्तव्य न केवल नए अध्यक्ष को औपचारिक सम्मान देने का संकेत था, बल्कि भाजपा की उस परंपरा को भी रेखांकित करता है, जहां संगठन सर्वोपरि माना जाता है।
नितिन नबीन का पहला अध्यक्षीय भाषण: राजनीति साधना है
राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन का पहला संबोधन करीब 20 मिनट का रहा। अपने भाषण में उन्होंने भाजपा की वैचारिक पहचान और संगठनात्मक अनुशासन पर जोर दिया।
नितिन नबीन ने कहा, “हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पद नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मेरा निर्वाचन एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा को मिला सम्मान है।”
उनका यह वक्तव्य पार्टी के कैडर-आधारित चरित्र और कार्यकर्ता केंद्रित राजनीति को स्थापित करता है।
जेपी नड्डा का संकेत: नए राज्यों में भाजपा का विस्तार
नितिन नबीन और प्रधानमंत्री मोदी से पहले पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लगभग 10 मिनट का संबोधन दिया।
नड्डा ने कहा कि नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा उन राज्यों में भी अपनी पकड़ मजबूत करेगी, जहां अब तक पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, असम और केरल का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भी कमल खिलेगा।
मोदी के भाषण की 5 प्रमुख बातें
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में संगठन, विपक्ष और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम संकेत थे—
- कांग्रेस अपने पतन की जिम्मेदार
मोदी ने कहा कि 1984 में 400 से अधिक सीटें पाने वाली कांग्रेस आज 100 सीटों के लिए तरस रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने पतन की समीक्षा नहीं करती, क्योंकि ऐसा करने पर एक ही परिवार पर सवाल खड़े होंगे, जिसने पार्टी पर कब्जा कर रखा है। - घुसपैठ देश की सुरक्षा के लिए खतरा
प्रधानमंत्री ने अवैध घुसपैठ को गरीबों और युवाओं के अधिकारों पर डाका बताते हुए कहा कि भारत किसी भी सूरत में घुसपैठियों को देश लूटने नहीं देगा। उन्होंने वोट बैंक की राजनीति के तहत घुसपैठियों को संरक्षण देने वाले दलों को जनता के सामने बेनकाब करने की बात कही। - महाराष्ट्र के नतीजे भाजपा की प्राथमिकता साबित करते हैं
मोदी ने कहा कि भाजपा केवल संसद और विधानसभा ही नहीं, बल्कि नगरपालिकाओं और नगर निगमों में भी जनता की पहली पसंद बन चुकी है। महाराष्ट्र के 29 में से 25 बड़े शहरों में भाजपा-एनडीए की जीत इसका प्रमाण है। - पिछले डेढ़ साल में चार राज्यों में जीत
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते डेढ़-दो वर्षों में हुए छह विधानसभा चुनावों में से चार में भाजपा-एनडीए की जीत जनता के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। - भाजपा में ‘मेंबरशिप’ से ज्यादा ‘रिलेशनशिप’
मोदी ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि संस्कार और परिवार है। यहां पद बदलते हैं, लेकिन आदर्श और दिशा नहीं बदलते।
संगठनात्मक संदेश और राजनीतिक संकेत
नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि संगठन के अगले चरण की रणनीति का संकेत माना जा रहा है। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ता-प्रधान संस्कृति को दोहराया, तो दूसरी ओर नए अध्यक्ष ने राजनीति को साधना और उत्तरदायित्व के रूप में परिभाषित कर कैडर को स्पष्ट संदेश दिया।
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