18 अगस्त को रची गई थी हत्या की साजिश, पहले तीन शूटर नाकाम हुए तो सागर और अंकित की हुई एंट्री; 24 अगस्त को लोकेशन छिपाने के लिए कोलकाता चला गया था अशोक सिंह राघव
जमशेदपुर/कोलकाता। जमशेदपुर के चर्चित कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। हत्याकांड की जांच अब झारखंड से निकलकर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता तक पहुंच गई है। जांच में सामने आया है कि वारदात का कथित मास्टरमाइंड अशोक सिंह राघव हत्या वाले दिन कोलकाता में मौजूद था।
चांडिल थाना पुलिस की पूछताछ में अशोक सिंह राघव द्वारा दिए गए कथित बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ रही है। इसी क्रम में झारखंड पुलिस की एसआईटी कोलकाता पहुंची और बेलियाघाटा ट्रैफिक गार्ड में तैनात एक ट्रैफिक सार्जेंट तथा एक सिविक वालंटियर से लंबी पूछताछ की। पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है।
हालांकि पुलिस ने अभी दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका और उनकी गिरफ्तारी के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
18 अगस्त को रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ में अशोक सिंह राघव के कथित कबूलनामे के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या की साजिश 18 अगस्त को ही रच ली गई थी। हत्या के लिए उत्तर प्रदेश से तीन शूटरों को करीब 20 लाख रुपये की सुपारी पर जमशेदपुर बुलाया गया था।
बताया गया है कि प्रदीप सिंह, राहुल विश्वकर्मा और अभिनय यादव को सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा देवनगर स्थित एक किराये के मकान में ठहराया गया था। सुनील रजक के माध्यम से इन तीनों के रहने की व्यवस्था की गई थी।
वहीं सुशील केराई, सुनील रजक और रितेश सिंह को निखार की लगातार रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस के अनुसार, यूपी से आए तीनों शूटरों ने निखार को निशाना बनाने के लिए दो से तीन बार प्रयास किया, लेकिन हर बार वे नाकाम रहे।
शूटर नाकाम हुए तो सागर सिंह की हुई एंट्री
पहले शूटरों की नाकामी के बाद हत्या की साजिश में नया मोड़ आया। पुलिस पूछताछ में सामने आए कथित बयान के मुताबिक, सिंटू सिंह और सुनील रजक ने सुल्तानपुर निवासी सागर सिंह से संपर्क किया।
सागर सिंह का नाम धनबाद के तत्कालीन डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड से भी जुड़ा रहा है। पुलिस के मुताबिक, दुमका जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह से हुई थी।
21 अगस्त को सागर सिंह अपने सहयोगी अंकित सिंह के साथ जमशेदपुर पहुंचा। दोनों को उसी किराये के मकान में ठहराया गया, जहां पहले यूपी से आए शूटर रुके थे।
इसके बाद हत्या की तैयारी को अंतिम रूप देने का काम शुरू हुआ।
2 लाख रुपये में खरीदी गई सेकंड हैंड कार
पुलिस के अनुसार, सागर सिंह ने रेकी और वारदात को अंजाम देने के लिए एक गाड़ी की मांग की थी। इसके बाद 22 अगस्त को अशोक सिंह राघव साकची पहुंचा और सुनील रजक को कार खरीदने के लिए दो लाख रुपये दिए।
सुनील रजक ने सेकंड हैंड कार खरीदी। पुलिस अब इस कार को भी जांच की अहम कड़ी मानकर उसकी खरीद, इस्तेमाल और वारदात के बाद उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।
निखार की पहचान सुनिश्चित करने के लिए अशोक सिंह राघव ने सोशल मीडिया से उनकी तस्वीर का स्क्रीनशॉट निकाला था। पुलिस जांच में यह तस्वीर हत्याकांड से जुड़े आरोपियों के मोबाइल फोन में भी मिलने की बात सामने आई है।
हत्या वाले दिन लोकेशन छिपाने कोलकाता चला गया मास्टरमाइंड!
जांच में सामने आया है कि 24 अगस्त को हत्या वाले दिन अशोक सिंह राघव खुद जमशेदपुर में नहीं था। पुलिस पूछताछ में उसके कथित बयान के मुताबिक, उसने अपनी मोबाइल टावर लोकेशन और पुलिस की संभावित निगरानी से बचने के लिए कोलकाता जाने की योजना बनाई।
वह अपने अंगरक्षक प्रवीण सिंह और अन्य कर्मचारियों के साथ कोलकाता चला गया। इसी दौरान वारदात को अंजाम देने की तैयारी जमशेदपुर में चलती रही।
पुलिस के मुताबिक, 24 अगस्त की दोपहर कलाम ने प्रवीण सिंह के मोबाइल पर फोन कर कथित तौर पर सूचना दी कि “आज काम हो जाएगा।” इसके बाद सिंटू, सुशील, कलाम और सुनील के बीच व्हाट्सएप के जरिए लगातार संपर्क बना रहा।
इसी दिन चांडिल के टेंथ माइल स्टोन होटल परिसर में निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
कोलकाता कनेक्शन ने बढ़ाए जांच के दायरे
हत्या वाले दिन अशोक राघव के कोलकाता में मौजूद होने और एक गिरफ्तार आरोपी के बेलियाघाटा ट्रैफिक गार्ड में तैनात सार्जेंट से लगातार संपर्क के सुराग ने जांच को नया मोड़ दिया है।
झारखंड पुलिस की एसआईटी ने कोलकाता पहुंचकर संबंधित ट्रैफिक सार्जेंट और एक सिविक वालंटियर से पूछताछ की है। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अशोक राघव के कोलकाता प्रवास, गिरफ्तार आरोपियों और पुलिसकर्मियों के बीच कोई आपसी कनेक्शन था या नहीं।
एसआईटी यह भी जांच रही है कि क्या इस संपर्क का इस्तेमाल हत्या की साजिश, आरोपियों की आवाजाही, पुलिस की गतिविधियों की जानकारी लेने या वारदात के बाद सुरक्षित निकलने के लिए किया गया था।
विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने का आरोप
पुलिस पूछताछ में अशोक सिंह राघव ने कथित तौर पर निखार सबलोक की हत्या की वजह विक्रम शर्मा की हत्या का बदला बताया है।
यानी पुलिस की अब तक की जांच में हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी और बदले की भावना का एंगल प्रमुखता से सामने आ रहा है। हालांकि इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने और पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
छह आरोपी गिरफ्तार, जांच अभी जारी
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पूछताछ के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस हत्या की पूरी चेन और उससे जुड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
जांच में अब तीन कड़ियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गई हैं—20 लाख रुपये की कथित सुपारी, दो लाख रुपये में खरीदी गई कार और कोलकाता कनेक्शन।
इन कड़ियों को जोड़ने के साथ पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निखार की हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे नेटवर्क का संचालन किस स्तर तक फैला हुआ था।
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