गिरफ्तार लोगों में गोड्डा BSO भी शामिल, ठिकाने से पांच लाख कैश भी मिले
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया है। आयोग ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अपरिहार्य कारणों, सरकार से प्राप्त निर्देश तथा परीक्षा संचालन में सामने आई अनियमितताओं के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है। 25, 26 और 27 जुलाई को प्रस्तावित परीक्षा अब अगली सूचना तक नहीं होगी। अभ्यर्थियों को संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इस फैसले से ठीक पहले झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा सिंडिकेट के खिलाफ अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि इसी कार्रवाई के बाद परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए, जिसके चलते आयोग को परीक्षा स्थगित करनी पड़ी।
CID ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
सीआईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें शामिल हैं—
- श्वेता कुमारी गुप्ता (उप परीक्षा नियंत्रक, JPSC)
- रामवीर सिंह (निदेशक, TSR Data Processing Private Limited)
- मो० उस्मान
- मो एबाद
- मनोज उर्फ अभय कुमार तिवारी
इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सीआईडी का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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गोड्डा से BSO गिरफ्तार, 5 लाख रुपये कैश बरामद
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की विशेष टीम ने मंगलवार देर रात गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट स्थित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मनोज उर्फ अभय कुमार तिवारी के आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके बाद आरोपी से लंबी पूछताछ की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से परीक्षा सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अधिकारी ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। सीआईडी अब इन परीक्षाओं में उसकी भूमिका और चयन प्रक्रिया की भी जांच कर रही है। इनमें प्रमुख रूप से—
- PGTTCE-2023
- JSSC CGL-2023
- ACF प्रारंभिक परीक्षा-2024
- MRO प्रारंभिक परीक्षा-2024
- FSO लिखित परीक्षा-2023
शामिल हैं।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की लिखित शिकायत नगड़ी निवासी एस.एस. शर्मा ने स्थानीय थाना, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीआईडी से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक संगठित परीक्षा सिंडिकेट के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं की जा रही हैं और नेटवर्क से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
जांच का दायरा बढ़ा
सीआईडी अब JPSC, परीक्षा संचालन एजेंसियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे तथा अतिरिक्त गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
परीक्षा स्थगित होने से हजारों अभ्यर्थियों के सामने नई अनिश्चितता खड़ी हो गई है। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा तिथि अलग से घोषित की जाएगी और अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।
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