Maiya Samman Yojana की किस्त पर असमंजस: मई-जून की राशि कब मिलेगी, विभाग की तैयारी पर उठे सवाल

Anand Kumar
6 Min Read

Maiya Samman Yojana : झारखंड सरकार की चर्चित योजना की बकाया दो माह की किस्त का इंतजार कर रही हैं लाखों महिलाएं, विभाग को ‘ग्रीन सिग्नल’ का इंतजार।

Maiya Samman Yojana

Maiya Samman Yojana News Ranchi : झारखंड की बहुचर्चित मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। कारण है – मई और जून माह की बकाया किस्त, जो अब तक लाभार्थियों के खातों में नहीं पहुंची है।

इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार हर महीने पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधा आर्थिक सहयोग पहुंचाती है। लेकिन, मई और जून की किश्तें लंबित रहने के कारण अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किस वजह से इसमें देरी हो रही है, जबकि मई में ही महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा 9,609 करोड़ रुपये जिलों को आवंटित कर दिए गए थे।

विभाग तैयार, आदेश का इंतजार

सूत्रों के मुताबिक, जिला कोषांगों को ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार बताया जा रहा है। समस्या सिर्फ विभागीय स्तर पर अंतिम स्वीकृति मिलने की है। जानकारों का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा निदेशालय में निदेशक की पोस्ट खाली होने के कारण प्रक्रिया में अड़चन आ रही है। पूर्व निदेशक समीरा एस के तबादले के बाद अब तक नया निदेशक नियुक्त नहीं हुआ है।

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हर बार चूकती रही है डेडलाइन

मई माह की किस्त जारी करने की प्रक्रिया 30 मई को शुरू की गई थी, जो पहले ही तय समयसीमा यानी हर माह की 15 तारीख से काफी विलंबित थी। अब जून की 15 तारीख भी बीतने को है और दो माह की राशि को लेकर असमंजस बरकरार है।

फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि लाभुकों को एक साथ ₹5,000 (दो माह की किस्त) दिए जाएंगे या सिर्फ एक माह की ₹2,500 किस्त ही जारी होगी।


Maiya Samman Yojana

मंईयां सम्मान योजना: एक नजर में

बिंदुविवरण
योजना की शुरुआतजुलाई 2024
प्रारंभिक राशि₹1,000 प्रति माह
संशोधित राशि₹2,500 प्रति माह (घोषणा: चुनाव पूर्व)
पहली ₹2,500 की किस्तजारी: 6 जून 2024, 56.61 लाख लाभुकों को
फर्जी लाभुकों की पहचानआधार सीडिंग और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद
लाभुकों की अपडेटेड संख्यालगभग 43 लाख से अधिक
होली से पहले भुगतान₹7,500 (जनवरी-मार्च की 3 किस्तें)
अप्रैल माह की किस्तमई अंत में ट्रांसफर की गई

विलंब का असर और लाभुकों की प्रतिक्रिया

हालांकि किस्तों में देरी से निराशा है, पर अधिकांश लाभुकों को विश्वास है कि सरकार देर-सबेर राशि जरूर जारी करेगी। विभागीय तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और केवल अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। सरकार की छवि और महिलाओं के विश्वास को बरकरार रखने के लिए जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।

झारखंड सरकार की चर्चित मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत जुलाई 2024 में की गई थी। आरंभ में इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की सहायता दी जाती थी। लेकिन विधानसभा चुनाव के ठीक पहले राज्य सरकार ने घोषणा की कि चुनावों के बाद इस राशि को बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह कर दिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना: अब तक की पूरी तस्वीर

इस निर्णय पर अमल करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 जून को 56 लाख 61 हजार 791 लाभार्थियों के खातों में ₹2,500 की पहली बढ़ी हुई किश्त स्थानांतरित की थी। इसी दौरान यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में फर्जी लाभुक इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने लाभुकों के फिजिकल वेरिफिकेशन और बैंक खातों की आधार से सीडिंग की प्रक्रिया तेज कर दी। जांच के बाद अनेक फर्जी नाम सूची से हटा दिए गए।

बाद में होली से ठीक पहले राज्य सरकार ने 37.55 लाख वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में जनवरी, फरवरी और मार्च की संयुक्त राशि ₹7,500 प्रति लाभुक ट्रांसफर की। इसे लेकर लाभुकों में खासा उत्साह देखा गया और कई जगहों पर इस राशि को उत्सव की तरह मनाया गया। हालांकि, जब बड़ी संख्या में नाम सूची से कटे, तो इस पर विरोध और सवाल भी उठे। इसके बाद सरकार ने बैंक खाता जांच के आधार पर 5.52 लाख अतिरिक्त पात्र महिलाओं को भी तीन माह की राशि जारी की, जिससे कुल लाभुकों की संख्या बढ़कर 43 लाख से अधिक हो गई।

मई महीने के अंतिम सप्ताह में अप्रैल माह की किश्त भी लाभुकों को भेज दी गई, जिससे योजना की निरंतरता बनी रही। हालांकि, वर्तमान में मई और जून की बकाया राशि को लेकर लाभुकों में फिर से चिंता देखी जा रही है।
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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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