रांची/बोकारो: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा 2024 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने बोकारो जिले के दुग्धा से 62 वर्षीय सुरेश राय को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि परीक्षा से पहले उनके आवास पर 30 से अधिक अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर याद कराए गए थे। इस मामले में उनके बेटे उमेश राय की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद सुरेश राय को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित पेपर लीक नेटवर्क में अभ्यर्थियों को जुटाने, प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराने और परीक्षा से पहले तैयारी कराने में किन लोगों की क्या भूमिका थी।
दुग्धा के BCCL क्वार्टर में जुटाए गए थे अभ्यर्थी
सीआईडी की जांच में बोकारो के दुग्धा स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एम-25/3 का उल्लेख सामने आया है। यह आवास सुरेश राय से जुड़ा बताया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, 20 सितंबर 2024 को इस क्वार्टर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को एकत्र किया गया था। गौरतलब है कि JSSC-CGL परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित हुई थी। यानी कथित तौर पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जुटाया गया था।
मोबाइल जमा कराकर प्रश्न-उत्तर याद कराने का आरोप
जांच सामग्री के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थियों को क्वार्टर में पहुंचने के बाद अपने मोबाइल फोन जमा कराने को कहा गया था। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर उपलब्ध कराई गई प्रश्न-उत्तर सामग्री को याद करने के लिए कहा गया।
आरोप है कि रितेश सिंह उर्फ मुन्ना और मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह प्रश्न-उत्तर सामग्री लेकर वहां पहुंचे थे। सीआईडी की जांच में यह दावा भी किया गया है कि अभ्यर्थियों को दी गई सामग्री में शामिल प्रश्न बाद में आयोजित परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाते थे।
हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अभी अलग विषय है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
अभ्यर्थियों की संख्या और पैसों के लेन-देन की भी जांच
सीआईडी की ओर से अदालत में पेश की गई जानकारी के अनुसार, सुरेश राय के बेटे उमेश कुमार राय से संबंधित बयान में अभ्यर्थियों को जुटाने, उनकी संख्या तय करने और कथित तौर पर चयन सुनिश्चित कराने के बदले पैसे के लेन-देन का उल्लेख है।
जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि कथित नेटवर्क कैसे काम करता था, अभ्यर्थियों को किस माध्यम से जोड़ा गया और प्रश्न-उत्तर सामग्री उन तक कैसे पहुंची। सुरेश राय की गिरफ्तारी को इसी जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
JSSC-CGL परीक्षा विवाद फिर चर्चा में
JSSC-CGL परीक्षा सितंबर 2024 में आयोजित हुई थी। परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों ने झारखंड में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
ताजा गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा कथित नेटवर्क में शामिल लोगों और उनकी भूमिकाओं तक पहुंचने पर केंद्रित है। मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
नोट: इस मामले में नामित व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष या दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
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