JSSC CGL पेपर लीक में बड़ा धमाका: आरोपियों के पास मिले 28 उम्मीदवारों के नाम, इनमें 10 सफल, नेपाल बॉर्डर पर ट्रेस हुई सबकी लोकेशन!

Anand Kumar
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JSSC CGL : बैंक खातों में करोड़ों की हलचल, पैसों की गारंटी पर पास कराना था लक्ष्य?

JSSC CGL Paper leak

JSSC CGL पेपर लीक मामला : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) से जुड़ा पेपर लीक मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले की जांच कर रही CID को आरोपियों के पास से कुछ ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिन्होंने परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समाचार पोर्टल लगातार डॉट इन में विशेष संवाददाता विनीत उपाध्याय की खबर है कि जांच के दौरान CID ने जो मोबाइल जब्त किए हैं, उनमें एक लिस्ट मिली है जिसमें 28 अभ्यर्थियों के नाम, उनके रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और एजेंट का नाम तक दर्ज है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सूची में शामिल 10 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल भी हुए हैं।


बैंक खातों और मोबाइल डेटा से मिली परीक्षा घोटाले की परतें

JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही CID को वित्तीय लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों के ऐसे सुराग मिले हैं, जो पूरे घोटाले की दिशा तय कर सकते हैं। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए कुंदन कुमार की पत्नी के नाम से जुड़े ICICI बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खातों में उन अभ्यर्थियों से पैसे आने के प्रमाण मिले हैं जो इस परीक्षा में शामिल हुए थे।

CID के अनुसार, सबसे ज्यादा राशि की वसूली शशिभूषण दीक्षित के माध्यम से हुई है। दीक्षित के नाम से जुड़े यस बैंक (खाता संख्या 0243520000122) और एक्सिस बैंक (खाता संख्या 922010031951920) में ₹8 लाख से अधिक की राशि अलग-अलग समय पर जमा की गई। यह रकम परीक्षा से पहले और उसके दौरान कुछ खास उम्मीदवारों की ओर से भेजी गई बताई जा रही है।

इसी जांच में एक अन्य आरोपी मनोज कुमार का नाम भी सामने आया है, जिसने UPI ट्रांजैक्शन के ज़रिए ऋषभ नामक अभ्यर्थी से ₹1 लाख प्राप्त किए हैं। यह लेन-देन परीक्षा से कुछ दिन पहले हुआ था, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि संभावित प्रश्नपत्र या उत्तरों के बदले पैसे लिए गए।

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लेकिन जो पहलू सबसे ज्यादा गंभीर है, वह है मोबाइल लोकेशन डेटा का खुलासा। CID की टीम को तकनीकी जांच में यह पता चला है कि जिन अभ्यर्थियों का नाम आरोपियों की लिस्ट में है, उनकी मोबाइल लोकेशन 19 और 20 सितंबर 2024 को भारत-नेपाल सीमा के आसपास दर्ज हुई। यही वो तारीख है जब परीक्षा के पर्चे कथित रूप से लीक हुए थे। इससे यह संदेह गहरा हो गया है कि इन अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए नेपाल सीमा के आसपास ले जाया गया था या वहीं से सामग्री प्राप्त हुई।



जांच जारी, दर्ज हुईं दो एफआईआर

इस पूरे मामले में सबसे पहले रांची पुलिस के पास दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई थीं। बाद में इन मामलों को CID ने टेकओवर करते हुए कांड संख्या 1/2025 और 2/2025 में दर्ज किया। अब तक लगभग एक दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

जांच एजेंसी का कहना है कि मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट के तमाम रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है और जांच अभी जारी है।

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CBI जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन

परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से नाराज छात्रों ने अब इस मामले की जांच CBI से करवाने की मांग की है। हजारों छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और सोशल मीडिया पर भी #CBIforJSSC जैसे हैशटैग के साथ अभियान चला रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि CID की जांच में पारदर्शिता की कमी है और जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक परीक्षा परिणामों पर से विश्वास बहाल नहीं हो सकता।


कब क्या हुआ?

तिथिघटनाक्रम
जनवरी 2024CGL परीक्षा आयोजित, लीक की शिकायतें सामने आईं
मार्च 2024परीक्षा रद्द, दोबारा परीक्षा की घोषणा
सितंबर 2024पुनः परीक्षा, फिर लीक की आशंका
दिसंबर 2024हाईकोर्ट ने परिणाम पर रोक लगाई
2025CID की जांच में डिजिटल साक्ष्य, नेपाल सीमा लोकेशन और पैसों का लेनदेन उजागर

क्या कहता है अगला कदम?

अब सारा दारोमदार CID की रिपोर्ट और हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिका है। अगर जांच एजेंसी अपने दावों के साथ पुख्ता सबूत अदालत में पेश नहीं कर पाती, तो परीक्षा परिणामों पर बनी रोक और लंबी खिंच सकती है। वहीं, छात्रों की मांग है कि इस पूरे मामले को CBI को सौंपा जाए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

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समाचार स्रोत : Lagatar.in

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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