झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 में कथित अनियमितताओं एवं गड़बड़ियों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा दिया गया है। परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर दिया है याचिका में परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन कराने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में 24 अगस्त 2026 सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित की जाएगी याचिका में जेपीएससी की ओर से आयोजित परीक्षा की प्रक्रिया एवं ओएमआर स्कैनिंग के साथ मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की भी मांग की गई है।
याचिका कर्ता ने 2025 की जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर पर्याप्त सुरक्षा एवं पारदर्शिता के साथ नए सिरे से परीक्षा आयोजित कराने की मांग की है, जिसके साथ मामले की समयबद्ध सीबीआई जांच कराने का अनुरोध भी किया गया है।
याचिका में यह भी कह दिया गया है कि जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या झारखंड से बाहर के किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश के अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित की जानी चाहिए।