के. रवि कुमार ने अधिकारियों को दिए निर्देश, कहा- दस्तावेजों को परमानेंट रिकॉर्ड की तरह संरक्षित करें, 14 जुलाई को सभी जिलों में होगी चुनाव पाठशाला
रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता इन्यूमरेशन फॉर्म भरने को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मतदाता फॉर्म के वर्तमान विवरण वाले हिस्से में अपनी सभी जानकारियां पूरी तरह सही और अद्यतन भरें। यदि किसी अन्य दस्तावेज में त्रुटि है तो केवल मिलान के उद्देश्य से वही गलत जानकारी वोटर आईडी में दर्ज नहीं करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फॉर्म के मैपिंग कॉलम में दी जाने वाली जानकारी पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज विवरण के अनुसार हूबहू भरी जाए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ, एईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा कर रहे थे।
स्थायी रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे दस्तावेज
के. रवि कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी दस्तावेजों को स्थायी अभिलेख (Permanent Record) के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन करने के साथ-साथ फिजिकल रिकॉर्ड के संरक्षण की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
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बीएलओ घर-घर पहुंचा रहे हैं फॉर्म
उन्होंने बताया कि राज्यभर में बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर दो प्रतियों में इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचा रहे हैं। फॉर्म के ऊपरी हिस्से में संबंधित बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर पहले से अंकित है, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मतदाता सीधे संपर्क कर सकें। पहले भाग में मतदाता का नाम, ईपीआईसी नंबर, पता, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या और अन्य आवश्यक विवरण पहले से मुद्रित रहते हैं। इसके साथ यूनिक क्यूआर कोड और पुरानी फोटो भी रहती है, जिसके स्थान पर नई रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो चिपकानी होगी या बीएलओ ऐप के माध्यम से अपलोड की जा सकती है।
जन्म तिथि के आधार पर तीन तरह से भरना होगा दूसरा भाग
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि फॉर्म का दूसरा भाग जन्म तिथि के आधार पर तीन श्रेणियों में भरा जाएगा।
- 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म होने पर केवल स्वयं का पुराना मतदाता विवरण हूबहू दर्ज करना होगा।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म होने पर माता या पिता में से किसी एक का पुराना मतदाता विवरण भरना होगा।
- 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म होने पर माता और पिता दोनों का पूर्व मतदाता विवरण अलग-अलग दर्ज करना अनिवार्य होगा।
तीसरे भाग में भरें वर्तमान की सही जानकारी
उन्होंने कहा कि फॉर्म के तीसरे भाग में वर्तमान की व्यक्तिगत जानकारी भरनी है। इसमें जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, आधार संख्या (यदि उपलब्ध हो), माता-पिता का नाम और उनकी ईपीआईसी संख्या, तथा आवश्यकता होने पर पति या पत्नी का विवरण दर्ज किया जाएगा। यदि अन्य दस्तावेजों में कोई त्रुटि हो तो उसे वोटर आईडी में दोहराने की गलती नहीं करनी चाहिए।
अंतिम भाग में घोषणा और हस्ताक्षर अनिवार्य
फॉर्म के चौथे भाग में मतदाता को यह घोषणा करनी होगी कि उसने किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं ली है, उसका नाम किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है और फॉर्म में दी गई सभी जानकारियां सत्य हैं। इसके बाद मतदाता या उसकी अनुपस्थिति में परिवार का वयस्क सदस्य हस्ताक्षर करेगा। यदि कोई अन्य सदस्य हस्ताक्षर करता है तो उसे अपना संबंध भी उल्लेखित करना होगा।
फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज नहीं लगाना होगा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ किसी भी प्रकार का दस्तावेज संलग्न नहीं करना है। उन्होंने कहा कि फॉर्म मिलते ही उसे शीघ्र भरकर बीएलओ को जमा कर दें।
उन्होंने चेतावनी दी कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत किसी विदेशी नागरिक द्वारा अवैध रूप से फॉर्म भरना, गलत जानकारी देना या बिना हस्ताक्षर के फॉर्म जमा करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) सीधे प्राथमिकी दर्ज करेंगे।
14 जुलाई को होगी चुनाव पाठशाला
के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि 14 जुलाई को सभी जिलों में बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक आयोजित कर चुनाव पाठशाला संचालित की जाए। इसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट तथा हस्ताक्षर से इनकार करने वाले (गैर-भारतीय) मतदाताओं की सूची पढ़कर सुनाई जाएगी। साथ ही भरे हुए फॉर्म का डिजिटाइजेशन तेजी से पूरा करने के भी निर्देश दिए गए।
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