रांची: झारखंड सरकार राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य ‘विजन 2050’ को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय इस सम्मेलन में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में औद्योगिक निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में झारखंड की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा होगी। सम्मेलन के दौरान कई नई नीतियों के प्रारूप जारी किए जाएंगे, डिजिटल पोर्टलों की लॉन्चिंग होगी और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
यह भी पढ़ें – हेमंत सोरेन ने खुद भरा SIR प्रपत्र, झारखंड के मतदाताओं से समय पर सत्यापन कराने की अपील
मुख्यमंत्री को दिया गया औपचारिक निमंत्रण
झारखंड मंत्रालय में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल और उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। इस दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी भी उपस्थित रहे।
कई नई नीतियों के ड्राफ्ट होंगे जारी
सम्मेलन के दौरान उद्योग जगत और अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नीतियों के प्रारूप सार्वजनिक किए जाएंगे। इनमें Jharkhand AI Policy, Jharkhand Investment Promotion Policy, Jharkhand Tourism Policy, Jharkhand Textile Policy, JIADA Regulations और PPP Policy सहित अन्य नीतियां शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य इन नीतियों को उद्योगों और विशेषज्ञों की राय के आधार पर और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो सके।
पहले दिन IT, AI और डिजिटल गवर्नेंस पर रहेगा फोकस
सम्मेलन के पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष सत्र आयोजित होगा। इसमें देश के प्रमुख आईटी विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और नीति-निर्माता झारखंड में आईटी पार्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
इसके बाद सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद होगा। दिन का समापन ‘Shaping the AI Future of Jharkhand’ विषय पर विशेष सत्र के साथ होगा, जिसमें राज्य की प्रस्तावित एआई नीति पर चर्चा होगी। इस दौरान आईटी क्षेत्र से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण एमओयू भी हस्ताक्षरित किए जाने की संभावना है।
दूसरे दिन निवेश और पर्यटन पर होगा मंथन
सम्मेलन के दूसरे दिन निवेश, समावेशी विकास और पर्यटन पर विशेष फोकस रहेगा। राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संभावनाओं को निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक विकास, नए निवेश और उद्योग स्थापना को लेकर स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तृत चर्चा होगी।
इस अवसर पर कई बड़े औद्योगिक समूहों के साथ निवेश संबंधी समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। साथ ही झारखंड सरकार की नई नीतियों के ड्राफ्ट और डिजिटल पोर्टलों का भी आधिकारिक शुभारंभ किया जाएगा।
WEF दावोस के बाद निवेश बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार का मानना है कि यह सम्मेलन विश्व आर्थिक मंच (WEF), दावोस में झारखंड की भागीदारी के बाद निवेश आकर्षित करने की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। ‘Explore Infinite Opportunities’ थीम के तहत आयोजित यह कार्यक्रम झारखंड को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने के साथ-साथ Vision 2050 के लक्ष्यों को साकार करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा समापन
दो दिवसीय सम्मेलन का समापन झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और संगीत पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा, जिसमें देश-विदेश से आए उद्योगपति, निवेशक और अन्य विशिष्ट अतिथि राज्य की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होंगे।
यह भी पढ़ें – क्रांति की आग कभी नहीं बुझती: हूल दिवस पर CM हेमंत सोरेन ने सिदो-कान्हू को किया नमन, कहा- वीरों का बलिदान देता रहेगा प्रेरणा