राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 : पर्यटन निवेश पर झारखंड का बड़ा विजन
नई दिल्ली: राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 के दूसरे दिन पर्यटन निवेश, समावेशी विकास और रोजगार सृजन को लेकर व्यापक मंथन हुआ। नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान “डेस्टिनेशन झारखंड: पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति” विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय सत्र में नीति-निर्माताओं, पर्यटन विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विकास साझेदारों ने झारखंड को देश के अग्रणी पर्यटन एवं निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
- राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 : पर्यटन निवेश पर झारखंड का बड़ा विजन
- 2024 में 5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन
- पर्यटन को उद्योग का दर्जा, निवेश के नए अवसर
- होटल, रोपवे और हाउसबोट परियोजनाओं में निवेश का अवसर
- “झारखंड केवल खनिज नहीं, प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी पहचाना जाए”
- होमस्टे से गांवों में बढ़ेगा रोजगार
- धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर भी फोकस
- कई मंत्री रहे मौजूद
2024 में 5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन
सत्र में बताया गया कि झारखंड तेजी से एक बहुआयामी और निवेश-उन्मुख पर्यटन राज्य के रूप में उभर रहा है। वर्ष 2024 में राज्य में 5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें 4.40 करोड़ श्रद्धालु शामिल रहे। यह आंकड़ा राज्य की धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन क्षमता को दर्शाता है।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा, निवेश के नए अवसर
राज्य सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने के बाद निजी निवेश, संस्थागत वित्तपोषण और पर्यटन अवसंरचना के विकास के नए अवसर खुले हैं। सरकार धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ इको-टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, वाटर स्पोर्ट्स, माइनिंग टूरिज्म और सामुदायिक आधारित जनजातीय पर्यटन को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है।
प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026, होमस्टे नीति-2026, डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण प्रणाली तथा निवेशक-अनुकूल सुधारों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। वहीं प्रसाद (PRASHAD) और स्वदेश दर्शन (Swadesh Darshan) जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत पर्यटन अवसंरचना का भी विस्तार किया जा रहा है।
होटल, रोपवे और हाउसबोट परियोजनाओं में निवेश का अवसर
राज्य सरकार ने होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, स्काईवॉक, वाटर स्पोर्ट्स, फ्लोटिंग रेस्तरां, हाउसबोट, कैंपिंग साइट्स और अनुभवात्मक पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करते हुए निवेशकों को झारखंड आने का आमंत्रण दिया।
सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, जनजातीय संस्कृति और आधुनिक पर्यटन अवसंरचना के बल पर झारखंड को पूर्वी भारत का अग्रणी, सतत एवं निवेश-अनुकूल पर्यटन गंतव्य बनाना है।
“झारखंड केवल खनिज नहीं, प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी पहचाना जाए”
पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि प्रकृति ने झारखंड को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य भी दिया है।
उन्होंने कहा,
“हमारी इच्छा है कि झारखंड केवल खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी पूरे देश में पहचाना जाए। झारखंड ने पर्यटन के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं और हम पूरे देश के पर्यटकों का हार्दिक स्वागत करते हैं।”
होमस्टे से गांवों में बढ़ेगा रोजगार
सामुदायिक आधारित पर्यटन की रोजगार क्षमता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि एक फाइव स्टार होटल जहां लगभग 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देता है, वहीं यदि 100 होमस्टे विकसित किए जाएं और प्रत्येक परिवार में पांच सदस्य हों तो करीब 500 लोगों को आजीविका से जोड़ा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य की आगामी होमस्टे नीति-2026 झारखंड को देश के प्रमुख होमस्टे गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर भी फोकस
सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार देशभर के लोगों को झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने निवेशकों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से झारखंड के विकास में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा,
“झारखंड की अपनी एक विशिष्ट पहचान और आकर्षण है। जो भी यहां आता है, वह इसकी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आत्मीयता से हमेशा के लिए जुड़ जाता है। आइए, झारखंड को जानिए, इसे अनुभव कीजिए और इसके विकास की इस यात्रा में सहभागी बनिए।”
कई मंत्री रहे मौजूद
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी तथा कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सम्मेलन में पर्यटन निवेश के माध्यम से रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और समावेशी विकास को गति देने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
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