नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया- इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा के विमानों में सामने आईं खामियां

नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को लोकसभा को बताया कि जनवरी 2025 से लेकर इस वर्ष 3 फरवरी तक देश की विभिन्न एयरलाइनों के 377 विमानों में बार-बार तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
इंडिगो के सबसे ज्यादा विमानों का विश्लेषण
मंत्री के अनुसार, बार-बार होने वाली तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर इंडिगो के 405 विमानों का विश्लेषण किया गया। इसमें से 148 विमानों में दोहराई जाने वाली तकनीकी खामियां पाई गईं।
एयर इंडिया और अन्य एयरलाइनों की स्थिति
लिखित उत्तर में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक
- एयर इंडिया के 166 विमानों में से 137 विमानों में बार-बार गड़बड़ी पाई गई।
- एयर इंडिया एक्सप्रेस के 101 विमानों में से 54 विमानों में तकनीकी समस्याएं सामने आईं।
- स्पाइसजेट के 43 विमानों में से 16 विमानों में दोहराई जाने वाली गड़बड़ी दर्ज की गई।
- अकासा एअर के 32 विमानों में से 14 विमानों में ऐसी ही समस्याएं पाई गईं।
डीजीसीए ने किए 3,890 निगरानी
इसी अवधि के दौरान विमानन सुरक्षा नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कुल 3,890 निगरानी निरीक्षण किए। इनमें नियमित निगरानी, अचानक जांच और नियामक ऑडिट शामिल हैं।
तकनीकी गड़बड़ियों में आई है कमी : सरकार
मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के जवाब में बताया कि पिछले तीन वर्षों में उड़ानों में तकनीकी गड़बड़ी के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।वर्ष 2024 में 421 तकनीकी गड़बड़ी के मामले सामने आए।इससे पहले वर्ष 2023 में 448 घटनाएं दर्ज की गई थीं।वहीं, गत वर्ष ऐसी 353 घटनाएं हुईं।