झारखंड में बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच व्यवस्था को झारखंड के सभी जिलों तक पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी है, जिसमें अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग अजय कुमार सिंह ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी जिलों में स्वाइन फ्लू की जांच शुरू करने का निर्देश दे दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में सभी जिलों से स्वाइन फ्लू की स्थिति एवं जांच की मौजूदा व्यवस्था को जानकारी ली है। अधिकारियों ने यह बताया कि फिलहाल रांची सदर अस्पताल, रिम्स एवं एमजीएम जमशेदपुर में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा उपलब्ध है।
अजय कुमार सिंह ने सभी जिलों में आरटी-पीसीआर मशीन एवं जांच किट की उपलब्धता की भी जानकारी ली, जिसमें उन्होंने यह निर्देश दिया है कि जिन जिलों में आरटी-पीसीआर मशीन उपलब्ध नहीं है, वहाँ जल्द से जल्द मशीन के लिए रिक्विजीशन भेजा जाए, वहीं खराब परी मशीनों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने को भी कहा गया है। उन्होंने जरूरत के अनुसार टेक्नीशियन एवं पैथोलॉजिस्ट को रिम्स या सदर अस्पताल में प्रशिक्षण दिलाने का भी निर्देश दिया ताकि जिलों में जांच की प्रक्रिया सुचारू रूप से की जा सके।
इस बैठक के दौरान, प्रोनेट मशीन और एचएमआईएस की स्थिति की भी समीक्षा की गई, जिससे सभी जिलों को एचएमआईएस व्यवस्था पूरी तरह चालू करने एवं जरूरत के अनुसार कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों एवं अन्य जरूरी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर भी चर्चा तेज है, जिसमें अधिकारियों को कैमरे लगाने के लिए आवश्यक स्थानों पर चयन कर जल्द योजना तैयार करने को कह दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस बैठक में अस्पतालों में डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी दूर करने पर भी चर्चा हुई, जिसमें अजय कुमार सिंह ने यह बताया कि राज्य में करीब एक हजार पीजी डॉक्टरों को दक्षिण भारत से लाने का प्रयास किया जाएगा। सिविल सर्जनों से मिले सुझावों के आधार पर अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार, पद तय किए जाएंगे और इसके साथ, हर विधानसभा क्षेत्र में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई है।