झारखंड में पुलिस आधुनिकीकरण को बड़ा झटका, केंद्र ने 8.94 करोड़ की योजना की रद्द

Anand Kumar
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रांची: झारखंड में पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर केंद्र सरकार से स्वीकृत 8.94 करोड़ रुपये की योजना रद्द कर दी गई है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार के Assistance to States & UTs for Modernisation of Police (ASUMP) के तहत मंजूर की गई थी। केंद्र के अनुसार, निर्धारित समय सीमा में योजना के तहत जरूरी खरीद प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण इसे रद्द किया गया है।

इस योजना की कुल लागत में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा झारखंड सरकार को वहन करना था। योजना के तहत केंद्र की हिस्सेदारी 536.85 लाख रुपये, जबकि राज्य की हिस्सेदारी 357.89 लाख रुपये निर्धारित थी।

31 मार्च तक पूरी करनी थी खरीद प्रक्रिया

जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत झारखंड सरकार को 31 मार्च 2026 तक आवश्यक सामग्री की आपूर्ति और संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी थी।

लेकिन तय समय सीमा तक यह काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद केंद्र सरकार ने योजना को पूरा करने के लिए राज्य को अतिरिक्त समय दिया और समय सीमा जुलाई 2026 तक बढ़ा दी।

इसके बावजूद निर्धारित अवधि में योजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से राज्य से देरी का कारण पूछा गया।

राज्य सरकार ने बताया- योजना पूरी करना संभव नहीं

केंद्र के जवाब में झारखंड सरकार की ओर से बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत ASUMP योजना को पूरा करना संभव नहीं है।

इसके बाद केंद्र सरकार ने झारखंड के लिए स्वीकृत 8.94 करोड़ रुपये की पुलिस आधुनिकीकरण योजना को रद्द कर दिया। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को सूचना भेजी है।

पुलिस आधुनिकीकरण में केंद्र देता है राज्यों को सहायता

केंद्र सरकार की ASUMP योजना का उद्देश्य राज्यों की पुलिस को आधुनिक उपकरण, संचार व्यवस्था, तकनीकी संसाधन, वाहन, हथियार और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करना है। गृह मंत्रालय के अनुसार पुलिस और कानून-व्यवस्था राज्य के विषय हैं, लेकिन वित्तीय संसाधनों की सीमाओं को देखते हुए केंद्र सरकार राज्यों के पुलिस आधुनिकीकरण प्रयासों में सहायता देती है।

ऐसे में झारखंड के लिए स्वीकृत योजना का रद्द होना पुलिस आधुनिकीकरण से जुड़े संसाधनों पर असर डाल सकता है। हालांकि, योजना रद्द होने के बाद राज्य सरकार अपने स्तर पर किस तरह इसकी भरपाई करती है, यह आगे महत्वपूर्ण होगा।

CCTV आधुनिकीकरण का प्रस्ताव भी चर्चा में

पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर झारखंड का एक अन्य प्रस्ताव भी हाल में चर्चा में रहा है। केंद्र सरकार से जुड़े एक मामले में सामने आया कि झारखंड ने पुलिस थानों में CCTV कैमरों के लिए करीब 112.50 करोड़ रुपये के केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम का प्रस्ताव दिया था। केंद्र ने इसे BPR&D के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने के बाद संशोधित जानकारी देने को कहा था।

इस पृष्ठभूमि में 8.94 करोड़ रुपये की स्वीकृत योजना का रद्द होना झारखंड में पुलिस आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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