पलामू में अवैध गैस गोदाम और पोटका में होटल में फटे सिलेंडर, 4 गंभीर रूप से घायल

Anand Kumar
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Medininagar/Jamshedpur : झारखंड में इन दिनों जारी रसोई गैस की किल्लत के बीच रविवार का दिन हादसों के नाम रहा। पलामू के मेदिनीनगर और पोटका के कलिकापुर में हुए गैस सिलेंडर धमाकों ने पूरे राज्य को दहला दिया। जहां पलामू में एक अवैध गैस गोदाम में हुए सिलसिलेवार धमाकों में चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए, वहीं पोटका में एक होटल जलकर खाक हो गया। इन घटनाओं ने गैस के अवैध रिफिलिंग कारोबार और सुरक्षा मानकों की पोल खोल कर रख दी है।

हादसा 1 : पलामू में ‘पाताल’ के गोदाम में धमाका, धुआं-धुआं हुआ इलाका

मेदिनीनगर शहर के बैरिया चौक के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उत्कर्ष फाइनेंशियल बैंक के नीचे बने एक भूमिगत (Underground) अवैध गैस गोदाम में धमाके शुरू हो गए।

  • अवैध रिफिलिंग का शक: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक जोरदार धमाके हुए। बताया जा रहा है कि यहां लंबे समय से गैस रिसाव हो रहा था। आशंका जताई जा रही है कि गैस किल्लत का फायदा उठाकर यहाँ बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में अवैध रिफिलिंग की जा रही थी।
  • 4 लोग गंभीर घायल: इस विस्फोट में धर्मेंद्र सिंह, विक्रम कुमार सिंह, आलोक कुमार और मुकेश कुमार गंभीर रूप से झुलस गए। सभी का इलाज मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज (MMCH) में चल रहा है।
  • प्रशासनिक कार्रवाई: सूचना मिलते ही एसडीपीओ राजीव रंजन और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड ने 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस अब गोदाम मालिक अजय गुप्ता की भूमिका की जांच कर रही है।

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हादसा 2: पोटका में होटल बना आग का गोला, दो ब्लास्ट से दहला बाजार

दूसरी घटना जमशेदपुर के पोटका प्रखंड स्थित कलिकापुर बाजार की है। यहां एक होटल में खाना बनाने के दौरान अचानक रेगुलेटर में आग लग गई।

  • धमाकों की गूंज: देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और होटल में रखे दो सिलेंडर एक के बाद एक ब्लास्ट कर गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा होटल चंद मिनटों में जलकर खाक हो गया।
  • टला बड़ा हादसा: स्थानीय लोगों की मुस्तैदी की वजह से दुकान में रखे दो अन्य सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, वरना आसपास की घनी आबादी और घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग को फैलने से रोका।

बड़ा सवाल: किल्लत की आड़ में ‘मौत’ का कारोबार?

इन दोनों घटनाओं ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। झारखंड में गैस की किल्लत के कारण क्या कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग का खेल फिर से जोर पकड़ रहा है? पलामू की घटना स्पष्ट रूप से घनी आबादी के बीच ‘अवैध भंडारण’ की ओर इशारा करती है। प्रशासन की नाक के नीचे बैंक की बिल्डिंग में भूमिगत गैस गोदाम का चलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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