झारखंड में ‘ई-मेल टेरर’ का साया: धनबाद, देवघर और गिरिडीह के डाकघरों को बम से उड़ाने की धमकी

Anand Kumar
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रांची। झारखंड में ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को धनबाद, देवघर और गिरिडीह के मुख्य डाकघरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद तीनों जिलों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वॉड और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया।

कई घंटे तक चली गहन तलाशी के दौरान किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध विस्फोटक या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। हालांकि प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

कुछ मिनटों में पूरे सिस्टम में मच गया हड़कंप

धमकी भरा ई-मेल मिलते ही तीनों शहरों के मुख्य डाकघरों को एहतियातन खाली कराया गया। कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई।

राहत की बात यह रही कि तलाशी अभियान के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

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पहले अदालतें, अब डाकघर बने निशाना

यह पहली बार नहीं है जब झारखंड में इस तरह की धमकी मिली हो। पिछले कुछ महीनों में राज्य के कई जिला न्यायालयों और अन्य सरकारी संस्थानों को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।

लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण हर बार सुरक्षा एजेंसियों को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाना पड़ता है। अब तक अधिकांश मामलों में कोई विस्फोटक नहीं मिला है, लेकिन हर धमकी प्रशासन के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौती बन रही है।

सबसे बड़ा सवाल—आखिर ‘ई-मेल वाला’ कौन है?

लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद अब तक किसी भी मामले में ई-मेल भेजने वाले की पहचान सार्वजनिक नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियां ई-मेल के तकनीकी स्रोत, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल की पड़ताल कर रही हैं।

साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये धमकियां किसी एक व्यक्ति या समूह की ओर से भेजी जा रही हैं या फिर किसी बड़े साइबर नेटवर्क का हिस्सा हैं। फिलहाल जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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