Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन के अंदर और बाहर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। नगर निकाय चुनाव से लेकर धान खरीद और जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की उम्र सीमा तक कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी हुई। दिन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई और शून्यकाल में विपक्ष ने सरकार को विभिन्न विषयों पर घेरा।
नगर निकाय चुनाव पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान नगर निकाय चुनाव को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार केंद्रीय बलों की प्रतिनियुक्ति और दलीय आधार पर चुनाव कराने की मांग करती रही है, लेकिन सरकार ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने भाजपा पर आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान नियमों के पालन पर सवाल उठाना एकतरफा नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव की निष्पक्षता और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है।
धान खरीद पर सरकार घिरी
भाजपा विधायक नीरा यादव ने राज्य में धान खरीद की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अच्छी पैदावार के बावजूद सरकार पर्याप्त मात्रा में धान की खरीद नहीं कर पाई। उनका दावा है कि कई स्थानों पर धान खरीद प्रक्रिया बंद होने की खबरें सामने आई हैं।
नीरा यादव ने कहा कि यदि सरकार समय पर कदम उठाती, तो किसानों को बेहतर आय सुनिश्चित हो सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के सवालों से बचने का प्रयास कर रही है और बजट सत्र के दौरान यह मुद्दा लगातार उठाया जाएगा।
शून्यकाल में जेपीएससी मुद्दा
सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने शून्यकाल में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 की आयु सीमा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अधिकतम आयु की गणना के लिए कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 निर्धारित करने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी वंचित हो सकते हैं।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस विषय को गंभीरता से देख रहे हैं और वंचित अभ्यर्थियों को अवसर देने पर जल्द विचार किया जाएगा।
जयराम महतो का सरकार पर हमला
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख अधिक था, जबकि छात्रों और रोजगार जैसे मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने छात्रवृत्ति, युवाओं की समस्याओं और रोजगार के अवसरों पर चर्चा की कमी का आरोप लगाया।
जयराम महतो ने मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि निवेश और समझौते राज्य के भीतर भी संभव हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में आम जनता से जुड़े मुद्दों की झलक कम दिखाई दी।
जेपीएससी कट-ऑफ अगस्त 2018 करने की मांग
जयराम महतो ने जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की आयु सीमा को लेकर स्पष्ट मांग रखी। उन्होंने कहा कि जब पिछली परीक्षा में कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2017 थी, तो इस बार विज्ञापन संख्या 01/26 के लिए इसे 1 अगस्त 2018 तक माना जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि अब तक राज्य में सीमित संख्या में जेपीएससी परीक्षाएं हुई हैं, इसलिए आयु सीमा में समुचित संतुलन आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने निजी संस्थानों में स्थानीय युवाओं के आरक्षण संबंधी बयानों पर भी आपत्ति जताई।
बजट सत्र के दूसरे दिन स्पष्ट रूप से राजनीतिक बहस का केंद्र नगर निकाय चुनाव, धान खरीद और जेपीएससी परीक्षा बना रहा। विपक्ष जहां सरकार को प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों पर घेरता दिखा, वहीं सरकार की ओर से पुनर्विचार और समीक्षा के संकेत दिए गए। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सदन के भीतर और बाहर चर्चा और तेज होने की संभावना है।