AI आधारित सुशासन से बदलेगा झारखंड: सरकार ने पेश किया 1150 करोड़ का डिजिटल रोडमैप, 1 लाख रोजगार का लक्ष्य

Anand Kumar
5 Min Read

AI और डिजिटल गवर्नेंस के दम पर झारखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की तैयारी, सरकार ने पेश किया विजन-2050 रोडमैप

नयी दिल्ली/रांची। झारखंड सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुशासन और डिजिटल परिवर्तन के जरिए राज्य को देश के अग्रणी एआई राज्यों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान सरकार ने एक व्यापक डिजिटल रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसमें अगले पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है।

सरकार का लक्ष्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और नागरिक सेवाओं में AI का व्यापक उपयोग कर पारदर्शी, त्वरित और डेटा-आधारित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है। इसके माध्यम से आम लोगों तक सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी, सरल और सुलभ बनाने की योजना है।

AI नीति 2026-31 की रूपरेखा प्रस्तुत

बैठक में प्रस्तावित झारखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी साझा की गई। इसके तहत स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक सेवाओं में AI आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को नीति का प्रमुख आधार बनाया गया है।

यह भी पढ़ें – AI और डिजिटल गवर्नेंस से बदलेगा झारखंड, Google-Microsoft-IBM समेत वैश्विक कंपनियों ने दिखाई साझेदारी में दिलचस्पी

मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म होगा तैयार

सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। यह AI आधारित निर्णय सहायता प्रणाली होगी, जिसके जरिए सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी।

इसके अलावा बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली और पंचायत स्तर तक ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार की भी योजना बनाई गई है।

तीन प्रमुख AI परियोजनाओं पर विशेष फोकस

परामर्श बैठक में तीन प्रमुख AI परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया—

  • मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP)
  • हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS)
  • क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS)

इन परियोजनाओं के जरिए शासन, स्वास्थ्य सेवाओं और खनिज प्रशासन को डेटा एनालिटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

AI मिशन, AI पार्क और इनोवेशन हब विकसित होंगे

राज्य सरकार ने दीर्घकालिक डिजिटल विकास के लिए स्टेट AI मिशन, झारखंड AI क्लाउड, AI इनोवेशन हब, AI पार्क, AI इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा स्टार्टअप और स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की योजना भी प्रस्तुत की। इन पहलों से अनुसंधान, नवाचार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ का निवेश

डिजिटल परिवर्तन और AI अवसंरचना को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह राशि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI तकनीक, कौशल विकास और विभिन्न विभागों में AI के उपयोग को बढ़ाने पर खर्च की जाएगी।

रांची में बनेगा 100.97 एकड़ का IT पार्क

बैठक में रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की भी जानकारी दी गई। इसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

विजन-2050: 10 हजार करोड़ निवेश और 1 लाख रोजगार का लक्ष्य

झारखंड सरकार ने विजन-2050 के तहत महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इनमें ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक AI स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और एक लाख से अधिक AI आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है।

कौशल विकास और साझेदारी पर भी जोर

रोडमैप में AI शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों और युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया है। सरकार ने प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और उद्योग जगत से AI आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में सहयोग का आह्वान किया है।

सरकार का मानना है कि रणनीतिक साझेदारियों, नवाचार और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से झारखंड को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बनाया जा सकता है। विजन-2050 के तहत राज्य को निवेश, तकनीक और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यह भी पढ़ें – माइंस नहीं, माइंड्स से बनेगी झारखंड की नई पहचान : सीएम हेमंत सोरेन ने नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का किया शुभारंभ

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *