जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित शहर के प्रमुख शॉपिंग और मनोरंजन केंद्र P&M मॉल पर टाटा स्टील ने बकाया लीज रेंट और जमीन से जुड़े मामलों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को टाटा स्टील के लैंड विभाग के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की टीम ने मॉल परिसर में जमीन की मापी की। इस दौरान मॉल के पिछले गेट को सील कर दिया गया।
टाटा स्टील और मॉल प्रबंधन के बीच बकाया किराये और सेस को लेकर विवाद चल रहा है। कंपनी ने P&M हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड से 2 करोड़ 23 लाख 86 हजार रुपये के बकाये का भुगतान करने को कहा है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2014-15 तक के लीज रेंट और 25 प्रतिशत रोड सेस से संबंधित है।
मॉल की जमीन की मापी, पिछले गेट पर लगी सील
शुक्रवार को अधिकारियों की टीम मॉल परिसर पहुंची और जमीन की लंबाई-चौड़ाई तथा वास्तविक क्षेत्रफल की जांच शुरू की। इसी दौरान मॉल के पिछले गेट को सील कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह गेट निक्को पार्क की ओर खुलता है और स्वीकृत नक्शे में इसका प्रावधान नहीं होने की बात सामने आई है।
हालांकि, जमीन की मापी और संबंधित दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही नक्शे से किसी संभावित विचलन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

15 दिनों में भुगतान का नोटिस
टाटा स्टील ने 1 अक्टूबर 2026 को मॉल प्रबंधन को नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने के लिए 15 दिनों का समय दिया था। कंपनी के चीफ लैंड मैनेजमेंट की ओर से जारी पत्र में वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2014-15 तक के लीज रेंट और लागू रोड सेस का उल्लेख किया गया है।
कंपनी का कहना है कि पहले भी बकाया राशि के भुगतान के लिए पत्राचार किया गया था, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर सबलीज की स्वीकृति रद्द करने और संबंधित जमीन वापस लेने की कार्रवाई की जा सकती है।
छह महीने तक बकाया रहने पर जमीन वापस लेने का प्रावधान
टाटा स्टील ने लीज समझौते की शर्तों का हवाला देते हुए कहा है कि निर्धारित परिस्थितियों में छह महीने तक किराया, सेस या अन्य देय राशि बकाया रहने पर सबलीज समाप्त करने और जमीन पर दोबारा कब्जा लेने की कार्रवाई की जा सकती है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि लीज रेंट के 120 प्रतिशत तक के अन्य सेस की मांग फिलहाल इस नोटिस में शामिल नहीं की गई है। इस विषय से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन बताया गया है।
क्या मॉल के संचालन पर पड़ेगा असर?
बकाया राशि की वसूली के लिए कार्रवाई शुरू होने के बाद अब मॉल के भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि निर्धारित समयसीमा में भुगतान को लेकर समाधान नहीं निकलता है, तो आगे की कार्रवाई का असर मॉल के संचालन पर पड़ सकता है।
हालांकि, फिलहाल मॉल को पूरी तरह बंद करने का कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। आगे की स्थिति बकाया भुगतान, लीज समझौते की शर्तों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
अधिकारियों ने नहीं दिया स्पष्ट बयान
कार्रवाई के दौरान टाटा स्टील के लैंड विभाग के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की टीम मौके पर मौजूद रही। जमीन की मापी और पिछले गेट को सील किए जाने के बाद मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, कार्रवाई के पूरे दायरे और आगे की प्रक्रिया पर अधिकारियों की ओर से कैमरे के सामने विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि P&M मॉल प्रबंधन बकाया राशि को लेकर क्या कदम उठाता है और जमीन की मापी के बाद आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।
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