Harare : ICC अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताब भारत ने रिकॉर्ड छठी बार अपने नाम कर लिया। हरारे स्पोर्ट्स ग्राउंड पर खेले गए फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर इतिहास रच दिया। कप्तान आयुष म्हात्रे की अगुआई में टीम इंडिया ने दबाव के बड़े मुकाबले में हर विभाग में इंग्लैंड को पीछे छोड़ा।
इस जीत का सबसे चमकता सितारा रहे वैभव सूर्यवंशी, जिनकी 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी ने न सिर्फ फाइनल की दिशा तय की, बल्कि अंडर-19 विश्व कप इतिहास की सबसे प्रभावशाली पारियों में अपना नाम दर्ज कराया।
मैच का पूरा लेखा-जोखा
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
भारत की बल्लेबाजी: एक पारी, कई रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी पूरे टूर्नामेंट में अपेक्षाओं पर खरे न उतर पाने के बाद सेमीफाइनल में फॉर्म में लौटे और फाइनल में उन्होंने जिम्मेदारी का बखूबी निर्वाह किया। उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। यानी 175 में से 150 रन सिर्फ बाउंड्री से आए।
- फाइनल में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर
- अंडर-19 क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन (71 गेंद)
- यूथ वनडे पारी में सबसे ज्यादा छक्के
- पूरे टूर्नामेंट में 439 रन—दूसरे सबसे ज्यादा रन
उनके अलावा कप्तान आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में 53 रन, अभिज्ञान कुंडू ने 31 गेंदों में 40, वेदांत त्रिवेदी ने 36 गेंदों में 32, विहान मल्होत्रा ने 36 गेंदों में 30 और कनिष्क चौहान ने 20 गेंदों में नाबाद 37 रन की उपयोगी पारियां खेलीं।
इंग्लैंड की कोशिश और भारतीय गेंदबाजी का पलटवार
412 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने हार नहीं मानी। 20 ओवर के बाद स्कोर 171/3 था, लेकिन अगले दो ओवरों में मैच पलट गया। स्कोर 177/7 हो गया। इसके बाद भी इंग्लैंड ने संघर्ष किया और आठवां विकेट गिरने तक 269 रन जोड़ लिए। इंग्लैंड के लिए फॉल्कनर ने 63 गेंदों में शतक लगाया, मगर भारतीय गेंदबाजों ने बढ़त कायम रखी।
भारत की ओर से आरएस अंबरीश ने तीन विकेट लेकर सबसे अहम भूमिका निभाई और लक्ष्य को सुरक्षित रखा।
छठी ट्रॉफी, सुनहरा उत्तराधिकार
भारत की अंडर-19 विश्व कप जीतों की परंपरा मजबूत होती जा रही है। यह खिताब उस सुनहरे उत्तराधिकार को आगे बढ़ाता है, जिसने सीनियर टीम को लगातार टैलेंट दिया है।
भारत के अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान
- मोहम्मद कैफ – 2000
- विराट कोहली – 2008
- उनमुक्त चंद – 2012
- पृथ्वी शॉ – 2018
- यश ढुल – 2022
- आयुष म्हात्रे – 2026
भारत का फ्यूचर सुरक्षित
यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं है। यह सिस्टम की जीत है, जहां टैलेंट पहचान, दबाव में प्रदर्शन और बड़े मैचों में रिस्पॉन्स दिखता है। वैभव सूर्यवंशी की फाइनल पारी बताती है कि भारतीय क्रिकेट का नेक्स्ट जेनरेशन बड़े मंच के लिए तैयार है।