मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में B2G बैठक, AI आधारित सुशासन, क्लाउड, डिजिटल स्किलिंग और डेटा इंटेलिजेंस पर बनी रणनीति
नई दिल्ली/रांची : झारखंड को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से देश के अग्रणी प्रौद्योगिकी राज्यों में शामिल करने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श (National Stakeholders Consultation) के दौरान वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अपनी पारंपरिक ज्ञान-सम्पदा और स्थानीय बुद्धिमत्ता को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर विकास का एक समावेशी मॉडल तैयार करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में झारखंड नवाचार आधारित प्रौद्योगिकी विकास का अग्रणी राज्य बनेगा।
बैठक में Google, Microsoft, Oracle, IBM, AWS, Salesforce, Techstar, Leah AI और Mamsys सहित कई वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी कंपनियों ने झारखंड में AI आधारित सुशासन, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स और कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा जताई।

Google का बड़ा प्रस्ताव
Google के प्रतिनिधि लोकेश लोहिया ने राज्य में एआई आधारित सुशासन, स्मार्ट हेल्थकेयर, आपातकालीन सेवाओं और भाषा आधारित एआई समाधान विकसित करने का प्रस्ताव रखा। कंपनी ने झारखंड के 3 से 4 लाख K-12 शिक्षकों के लिए तीन माह का AI प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम संचालित करने की पेशकश की। साथ ही झारखंड सरकार और Google के बीच स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (SoI) पर हस्ताक्षर का भी प्रस्ताव दिया गया। बैठक में एआई आधारित एम्बुलेंस प्रबंधन और एकीकृत स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
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Oracle देगा क्लाउड और डिजिटल स्किलिंग में सहयोग
Oracle के सीनियर डायरेक्टर (डेटा प्लेटफॉर्म) तौसीफ सिद्दीकी ने AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए राज्य के साथ साझेदारी की इच्छा जताई। कंपनी ने उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, प्रमाणन, कार्यबल विकास और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का प्रस्ताव रखा।

Microsoft तैयार करेगा AI Data Intelligence Platform
Microsoft इंडिया के सीटीओ केशरी अस्थाना ने सभी सरकारी विभागों के डेटा को एकीकृत करने वाले AI संचालित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के विकास का सुझाव दिया। इससे साक्ष्य आधारित निर्णय, विभागीय प्रक्रियाओं का स्वचालन और डेटा गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी। साथ ही लो-कोड प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी सेवाओं के तेजी से डिजिटलीकरण पर भी चर्चा हुई।
IBM का फोकस खनन, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा पर
IBM के सीनियर एडवाइजर तल्लीन कुमार ने खनन, स्वास्थ्य, बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के लिए AI आधारित समाधान प्रस्तुत किए। कंपनी ने बुद्धिमान डेटा एनालिटिक्स, सुरक्षित डेटा साझाकरण और राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एआई समाधान विकसित करने के लिए नि:शुल्क प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) देने की पेशकश की।
AWS ने दिया सुरक्षित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रस्ताव
AWS के प्रिंसिपल AI स्पेशलिस्ट सचिन पुनयानी ने सुरक्षित क्लाउड अवसंरचना, AI आधारित डेटा एकीकरण, डिजिटल गवर्नेंस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), शिक्षा और केंद्रीकृत निर्णय समर्थन डैशबोर्ड विकसित करने का प्रस्ताव रखा। कंपनी ने AI आधारित सुशासन मॉडल का नि:शुल्क प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) उपलब्ध कराने की भी पेशकश की।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों के सुझावों और सवालों पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बैठकों से स्पष्ट है कि वैश्विक तकनीकी कंपनियां झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए उत्साहित हैं। राज्य सरकार नवाचार, डिजिटल अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन और कौशल विकास के जरिए झारखंड को देश का अग्रणी डिजिटल एवं निवेश गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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